कवि/लेखक
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🟠 विमर्श गंभीर है👉 पढ़ना जरूरी है : “दलित साहित्य का सच”
जनमत जागरण @ आपके लेख ✒️लेखक डॉ बालाराम परमार 'हॅंसमुख' :: साहित्य तो साहित्य होता है । साहित्य का न…
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लोकतंत्र की नींव मताधिकार
जनमत जागरण @ सम्पादकीय -संविधान की मुख्य अपेक्षाएं हैं- प्रत्येक नागरिक को न्याय मिले, उसे अपने निजी और सार्वजनिक जीवन…
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आओ जिंदगी जिएं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की तरह
जनमत जागरण @ दीपावली विशेष लेखक डॉक्टर बालाराम परमार ‘हंसमुख‘ वर्ष 2023 की दीपावली का सनातन धर्म के लिए विशेष…
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सूखने न दें, गणतंत्र की क्यारी ।मतदाता से सिंचित जनतंत्र फूलवारी ।।
जनमत जागरण@लेखक -डॉ बलराम परमार ” हंसमुख “
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