“राष्ट्र निर्माण में आचार, विचार और अनुभूति: क्या खंडन-मंडन की भारतीय परंपरा आज भी प्रासंगिक है?” – पढ़ें – नर्मदा साहित्य मंथन के चतुर्थ सोपान के उद्घाटन सत्र में बोले संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सुरेश सोनी

🚩”माँ नर्मदा और माँ अहिल्या: क्या ये केवल प्रतीक हैं या संपूर्ण सभ्यताओं की आधारशिला?”🚩 “नर्मदा साहित्य मंथन: क्या ‘अहिल्या पर्व’ से जागेगा भारतीय साहित्य का नया युग?”🚩”विचारों का संगम: क्या ‘अहिल्या पर्व’ से होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण?”🚩”नर्मदा साहित्य मंथन में कौन से विमर्श गढ़े जाएंगे? ‘अहिल्या पर्व’ से क्या हैं उम्मीदें?” जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क … Continue reading “राष्ट्र निर्माण में आचार, विचार और अनुभूति: क्या खंडन-मंडन की भारतीय परंपरा आज भी प्रासंगिक है?” – पढ़ें – नर्मदा साहित्य मंथन के चतुर्थ सोपान के उद्घाटन सत्र में बोले संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सुरेश सोनी