क्या हम भी गौहत्या के अप्रत्यक्ष भागीदार हैं? थैलियों में बंद मौत गौवंश की करुणा-पुकार और समाज की अनसुनी जिम्मेदारी (सार्थक दृष्टिकोण – राजेश कुमरावत ‘सार्थक’) आज सोयत नगर की एक हृदयविदारक घटना ने हमें फिर झकझोर दिया।नगर में एक मृत गौवंश का जब पोस्टमार्टम हुआ,तो उसके पेट से निकलीं लगभग 40 किलो प्लास्टिक की … Continue reading “हर थैली एक हत्या है: कचरे में दम तोड़ती गौमाता की करुण पुकार”–”इस पीड़ा में डूबा यह सार्थक चिंतन अवश्य पढ़ें – लेखक: राजेश कुमरावत ‘सार्थक’”
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