मैं विद्रोही
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कवि/लेखक
मैं विद्रोही : अन्याय के विरुद्ध जनचेतना का घोष करती कवि गोपाल केसर मालवीय की ओजस्वी कविता
"मैं विद्रोही" केवल कविता नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और सामाजिक असमानता के विरुद्ध जनचेतना का सशक्त स्वर है। कवि गोपाल…
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