क्या नर्मदा साहित्य मंथन से निकले विचार राष्ट्र की नई राह बनाएंगे?” पढ़ें – वैचारिक मंथन में द्वितीय दिवस पर आयें विचारक, चिंतक और साहित्यकारों के नई क्रांति का सूत्रपात करने वाले उद्बोधन

◾”लिव-इन, सिंगल पैरेंटिंग और डिवोर्स सेलिब्रेशन: आधुनिकता या साजिश?” “भारतीय परिवारों पर मंडरा रहा मार्क्सवाद का खतरा?”◾”नर्मदा साहित्य मंथन में उठा बड़ा सवाल: संस्कृति बचेगी या बदलेगी?”◾”फैमिनिज्म और समलैंगिकता के पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा?” जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क इंदौर । विश्व संवाद केंद्र, मालवा प्रांत के प्रतिष्ठित आयोजन नर्मदा साहित्य मंथन ’अहिल्या पर्व’ के … Continue reading क्या नर्मदा साहित्य मंथन से निकले विचार राष्ट्र की नई राह बनाएंगे?” पढ़ें – वैचारिक मंथन में द्वितीय दिवस पर आयें विचारक, चिंतक और साहित्यकारों के नई क्रांति का सूत्रपात करने वाले उद्बोधन