365 पर्व – 365 प्रेरणाएँ
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श्री हनुमंत कथा में बड़ा संदेश : 25 दिसंबर पर उठा बड़ा सांस्कृतिक सवाल , सनातन संस्कृति बचाने का आह्वान –श्री दुबे ने समरसता, कुटुंब प्रबोधन पर दिया दिशा-बोध
विचार शुद्ध होंगे तभी संस्कृति बचेगी, 25 दिसंबर को विधर्मी उत्सव नहीं मनाने का आह्वान हनुमंत कथा में पं. राधेश्याम…
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“शौर्य दिवस : जब भारत ने केवल युद्ध नहीं, इतिहास की दिशा बदली”
यह दिन केवल विजय का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सैन्य, नैतिक और कूटनीतिक शक्ति का प्रमाण है। 16 दिसंबर…
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गीता जयंती: मनुष्य के भीतर उठते सवालों का कालजयी उत्तर |अर्जुन–कृष्ण संवाद में छिपा वह रहस्य, जो आज भी बचा सकता है जीवन
गीता जयंती: निर्णयहीनता के अंधकार में उतरती वह उजली आवाज़ 365 पर्व–365 प्रेरणाएँ श्रृंखला ✍️ लेखक: राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ —…
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अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: हजारों वर्षों बाद विवाह पंचमी पर बना अभूतपूर्व आध्यात्मिक संगम 🛕365 पर्व–365 प्रेरणा: विवाह पंचमी का संदेश—घर–घर दीपक, मन–मन प्रकाश
विवाह पंचमी 2025 : हजारों वर्ष बाद मिला यह अद्भुत संयोग 🪔“आज दीप जलाएँ… कल इतिहास बनेगा!”🪔“ये सिर्फ दीपक नहीं……
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देव दीपावली 2025 : कार्तिक पूर्णिमा पर आत्मदीप्ति का पर्व, गंगा स्नान का रहस्य – जानिए इस पर्व का आध्यात्मिक रहस्य
🔱 देव दीपावली का आध्यात्मिक रहस्य (संपादकीय लेख – “365 पर्व : 365 प्रेरणाएँ” श्रृंखला से)✍️ राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ दीपों…
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तुलसी विवाह केवल पूजा नहीं, जीवन का संस्कार है – आधुनिक युग में तुलसी विवाह का क्या महत्व है? जानिए एक सार्थक दृष्टिकोण से
“तुलसी विवाह : वह रहस्य जिसे नई पीढ़ी ने जाना ही नहीं”एक विस्तृत, आधुनिक संदर्भ से जुड़ा, सस्पेंसपूर्ण और सांस्कृतिक…
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“भाई दूज : मृत्यु पर विजय का पर्व — जब प्रेम, करुणा और कर्म बन जाते हैं रक्षा-कवच”
क्यों कहा गया – जो भाई बहन के घर भोजन करता है, उसे अकाल मृत्यु नहीं होती? जानिए इस चमत्कारी…
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“श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला बरगडी में गूंजा गो नवरात्रि का अद्भुत पर्व — जब डेढ़ हजार गौमाताओं ने स्वयं की गोवर्धन परिक्रमा”
ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती बोले — गाय पशु नहीं, सनातन का प्राण है; भक्तिमय वातावरण में हुआ गो पुष्टि…
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गोवर्धन फिर उठाना होगा! कृष्ण ने पर्वत उठाया था प्रकृति की रक्षा के लिए, अब हमें उठाना है गौसंस्कृति के अस्तित्व के लिए…
✍️ पढ़ें — इसी पर आधारित हमारी ‘सार्थक रिपोर्ट’, जो बताती है कैसे गाय और गोवर्धन आज भी भारत के…
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“सुहाग पड़वा : सोयतकलां में महिलाओं ने निभाई टोपला तापने की परंपरा — आधुनिकता के दौर में संस्कृति की नई चेतना”
3 और 4 की महिलाओं ने पारंपरिक विधि से टोपला तापकर पति की लंबी आयु की कामना की — आस्था…
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