“श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला बरगडी में गूंजा गो नवरात्रि का अद्भुत पर्व — जब डेढ़ हजार गौमाताओं ने स्वयं की गोवर्धन परिक्रमा”

ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती बोले — गाय पशु नहीं, सनातन का प्राण है; भक्तिमय वातावरण में हुआ गो पुष्टि महायज्ञ व चुनरी यात्रा।
श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला बरगडी में भव्य गोवर्धन पूजन महोत्सव का शुभारंभ
बड़ौद (आगर-मालवा), 22 अक्टूबर।
धरती पर जब-जब अधर्म और विस्मरण की छाया गहराती है, तब कोई न कोई दिव्य चेतना उसे उजाला देती है। ऐसी ही एक चेतना का साक्षात् स्वरूप हैं ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज, जिन्होंने सोमवार को श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला, बरगडी में चल रहे एकादश गो नवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन एवं श्री गो कृपा कथा के प्रथम दिवस पर श्रोताओं को भाव-विभोर कर देने वाला संदेश दिया।

स्वामीजी ने अपने उद्बोधन में कहा —
“गाय माता पशु नहीं, प्राणी नहीं, बल्कि सनातन का प्राण है। मुगल और अंग्रेज़ काल में हमने अपनी संस्कृति के साथ-साथ गो संस्कृति को भी भुला दिया। परंतु भगवान राम और श्रीकृष्ण ने जिन गौमाताओं की सेवा के लिए अवतार लिया, वही परंपरा अब गो नवरात्रि महोत्सव के रूप में पुनः जीवित हो रही है।”
उन्होंने बताया कि यह पर्व गो ऋषि स्वामी दत्तशरणानंद जी महाराज और अन्य संतों के प्रयासों से पुनः आरंभ हुआ। गत वर्ष इसका आयोजन सालरिया स्थित श्री कामधेनु गो अभयारण्य में हुआ था और इस वर्ष आगर जिले की सबसे बड़ी गोशाला श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला, बरगडी इस दिव्य आयोजन की साक्षी बन रही है।

गो कृपा कथा के पश्चात् आगर-मालवा गोपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. आर.सी. पंवार, वेटनरी सर्जन डॉ. एम.जे. खान, तथा क्षेत्र के हजारों गोसेवकों ने डेढ़ हजार गौमाताओं की साक्षी में भगवान गोवर्धननाथ जी का पूजन एवं परिक्रमा की। इस अनोखे दृश्य में स्वयं गौमाताओं ने गोबर से निर्मित भगवान गोवर्धननाथ जी की परिक्रमा कर अपनी अर्चना समर्पित की।
पूजन के उपरांत समस्त गोभक्तों ने गोवर्धन पूजन स्थल पर गोव्रती महाप्रसादी ग्रहण की।
महोत्सव के प्रथम दिवस गो पुष्टि महायज्ञ में प्रधान यजमान सत्यनारायण त्रिवेदी ने वैदिक विधि से हेमाद्रि स्नान, यज्ञ मंडप प्रवेश एवं सर्वदेव पूजन संपन्न किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान, गोपालन विभाग आगर-मालवा के उपसंचालक डॉ. आर.सी. पंवार, सहित अनेक संत, गोभक्त एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में बरगडी ग्राम की सैकड़ों मातृशक्तियों एवं युवाओं ने ढोल-नगाड़ों की मंगल ध्वनि के साथ भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाकर चुनरियात्रा का आयोजन किया, जिससे संपूर्ण वातावरण गोमय, गोविंदमय और भक्तिमय हो उठा।



