महाकुंभ में धर्माचार्य दे अमृत संदेश – “गौ माता के बिना अधूरा है धर्म: गौ माता को हर हिन्दू का धर्म कर्तव्य घोषित करें”

शंकराचार्यों से स्वामी जी की प्रार्थना" - गौ पालन को अनिवार्य बनाने का प्रेरक आह्वान
जनमतजागरण @ सुसनेर।
आज कि आज दान पुण्य के महापर्व मकर संक्रांति पर्व के साथ दो वीर पुरुषों का जन्मदिवस है जिनमें से एक ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह जी है जिनके कारण से ही आज कश्मीर भारत का अंग है और दूसरा सुधा ताई जिन्होंने पुर्तगालियों से गोआ को मुक्त कराने में अपनी अहम भूमिका निभाई है ।
स्वामीजी ने बताया कि मकर संक्रांति तिल गुड के लड्डुओं का ही त्यौहार बनकर न रह जाएं और केवल आज के दिन चारा डालकर हम हमारे कर्तव्यों की इतिश्री न करदे इस बात को हमको अच्छे से समझना होगा ओर ठंड से ठिठुर रहें गोवंश को हम प्रेम पूर्वक घर कैसे लाएं क्योंकि गोमाता हमसे कुछ लेती नहीं है और घर में आ गई तो सब कुछ देती है इसलिए आज के दिन हमें एक शुभ संकल्प के साथ मकर संक्रांति उत्सव मनाना चाहिए कि हम एक एक निराश्रित गोवंश को अपने घर में लाएं ।
उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 281 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने आगे बताया कि आज से प्रयागराज में महाकुंभ भी प्रारम्भ हो गया है और कुंभ एवं गोमाता का गहरा नाता है अर्थात समुद्र मंथन से जो अमृत प्रकट हुआ और भगवान ने मोहिनी रूप धरकर उसे बचाया और जहां जहां वह अमृत गिरा वहां कुंभ होता है इसी प्रकार गोमाता भी समुद्र मंथन से ही प्रकट हुई है और आज भारत के घर घर में उसी का वंश है इसलिए जहां जहां गोमाता होती है वहां तो महाकुंभ होता है लेकिन अमृत स्वरूपा गोमाता जो तृण खाकर अमृत बरसाने वाली भगवती गोमाता दर दर की ठोकरें खाकर भूख प्यास ठंड से प्राण त्याग रही है,इसलिए कुंभ में जाने वाला हर सनातनी डुबकी लगाकर यह संकल्प ले कि मैं मेरे घर में एक गाय पालूंगा।
स्वामीजी ने भारत के सभी जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान सभी धर्माचार्यों से प्रार्थना करते है कि आप सभी मिलकर एक धर्मादेश जारी करें कि जिस गृहस्थ के घर में या घट में गाय न हो उसे हिन्दू न माना जाएं और उसके घर में कोई भी सनातनी ब्राह्मण कोई कर्मकांड नहीं करें अर्थात भारत के हर हिन्दू के घर अथवा घट दोनों में से एक जगह गाय अवश्य हो।
⏩ विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर्व पर गौमाताओं को तिल गुड से निर्मित मीठा भंडारे का भोग लगाया एवं सभी गो प्रेमियों को गोआधारित कृषि से उत्पादित तिल का लड्डू प्रसाद दिया ।
⏩ग्वाल शक्ति सेना में 5 हजार पूर्ण गोव्रती कार्यकर्ताओं की श्रृंखला में राजू भाई पटेल गुजरात की हिम्मतनगर तहसील प्रभारी , वीठ भाई प्रजापति गुजरात के मोडासा तहसील प्रभारी आदि की नियुक्ति की उद्घोषणा हुई ।
⏩ 280 वें दिवस पर गोविन्द सिंह सोलंकी(सरपंच) डोबड़ा , सुजान सिंह चौहान केलुखेड़ी ,भारत तनेजा डग, महेंद्र सिंह सोलंकी मेसी ट्रैक्टर्स आगर,सत्यनारायण राठौर, ललित राठौर भवानीमंडी एवं ओमप्रकाश,लखन राठौर कोटडी आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

⏩ 280 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 281 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर जिले की सुसनेर तहसील के पटपड़ा से सन्त श्री आशाराम जी बार के शिष्यों सहित सम्पूर्ण ग्रामवासियों,देवास नगर की मातृशक्ति एवं गुजरात सोनगढ़ के पाटिल परिवार की और से श्रीमती विमल बेन, चिरंजीव दिनेश पाटिल उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमती पूनम बेन,मयूरी पाटिल एवं अवतार एवं झालावाड़ जिले के सरोनिया सहित अनेकों ग्राम की महिला मंडल ने अपने ग्राम की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



