अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशप्रयागराज महाकुंभ 25मध्यप्रदेश

“मौन, मोक्ष और महाकुंभ! :: “मौनी अमावस्या पर दिव्य रहस्योद्घाटन: गोमाता के चरणों में छिपा है महाकुंभ से भी बड़ा तीर्थस्नान?” पढ़ें – मौनी अमावस्या पर स्वामीजी का चौंकाने वाला खुलासा”

🚩”त्रिवेणी संगम नहीं, गो चरणों में है 68 कोटि तीर्थों का रहस्य!””गंगा-यमुना-सरस्वती का अदृश्य संगम! 🔹भारतीय समाचार पत्र दिवस: पत्रकारिता के योगदान को नमन ::

जनमत जागरण न्यूज नेटवर्क, सुसनेर। आज का दिन भारतीय समाचार पत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो हिंदी पत्रकारिता के विकास को सम्मानित करने के साथ-साथ भारत में मीडिया की स्वतंत्रता और भूमिका को भी उजागर करता है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार संघ ने 1963 में 29 जनवरी को इस दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। तभी से, यह दिन भारतीय समाचार पत्रों की अहमियत को दर्शाने के लिए हर साल मनाया जाता है। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 296वें दिवस पर पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने इस अवसर पर विचार व्यक्त किए।

🚩 मौनी अमावस्या का पुण्य पर्व: शांति, ध्यान और पितृ तर्पण का महत्व :: मौनी अमावस्या का दिन परमात्मा की शरणागति प्राप्त करने और पित्रों को तृप्त करने के लिए अत्यंत पावन माना जाता है। स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने बताया कि इस दिन वाणी और मन दोनों से मौन रहना चाहिए। तीर्थ स्नान का विशेष महत्व है, और समस्त तीर्थों का फल प्राप्त करना हो तो गोमाता के चरणों की सेवा सबसे उत्तम साधन है। स्वामीजी ने बताया कि गोमाता के मूत्र में गंगा, गोबर में यमुना और जिह्वा में सरस्वती का वास होता है, जिससे वे साक्षात त्रिवेणी संगम का स्वरूप हैं। गो चरणों में रहने से वायु स्नान का लाभ मिलता है, जो त्रिवेणी स्नान से भी श्रेष्ठ बताया गया है।

🚩 गौसेवा से संसार सेवा: आध्यात्मिक ऊर्जा और सत्संग का महत्व :: स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी ने कहा कि गौमाता के चरणों में रहने से व्यक्ति को दिव्य शांति प्राप्त होती है। राग-द्वेष समाप्त होकर स्नेह और सेवा का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि “एक गाय की सेवा करने से पूरे संसार की सेवा हो जाती है।” जीवन का सार सेवा में ही निहित है, और सही दिशा में ऊर्जा का उपयोग न करने पर पराजय निश्चित होती है। सत्संग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि गौमाता स्वयं पूर्ण सत्संग का स्वरूप हैं। जो व्यक्ति सत्संग को नेत्रों से देखना चाहते हैं, उनके लिए गौसेवा ही सबसे बड़ा सत्संग है।

आगामी कार्यक्रम :: 30 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे से जनपद सुसनेर में पंचायत स्तर पर संचालित सभी पंचायत स्तरीय गौशालाओं के संचालन मंडल,पंच, सरपंच ,सचिव एवं प्रत्येक पंचायत से 5 -7 युवा एवं भामाशाह विश्व के प्रथम गो अभयारण्य श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में गोशाला प्रबंधन का पाठ ग्वाल सन्त पूज्य स्वामी गोपालानंद जी से सीखेंगे,जिसका आस्था चेनल पर सीधा लाइव प्रसारण होगा ईट कल जनपद सुसनेर की और से भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई जाएगी ।

⏩ ग्वाल शक्ति सेना में 5 हजार पूर्ण गोव्रती कार्यकर्ताओं की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सहसपुर लोहारा तहसील से बैसाखू मरकाम, जबलपुर की तहसील पनागर से योगेश तल्लारी,हरदा से भीम गिरी गोस्वामी, खण्डवा जिले के खालवा तहसील प्रभारी लक्ष्मण कलमे एवं राजस्थान के झालावाड़ जिले की छीपाबडौद तहसील प्रभारी संजय गडरिया,चुरु जिले की तारानगर तहसील से विकास सैनी आदि की नियुक्ति की उद्घोषणा हुई ।

⏩ 296 वें दिवस पर गुजरात के बड़ोदरा से पूज्य रविंद्रानंद जी महाराज एवं कोटा से भारत भूषण मित्तल एवं श्रीमती विनोद मित्तल,अजमेर जिले के विजयनगर से ओमप्रकाश जेदिया एवं मंदसौर के गांव दलौदा सगरा महेश पटीदार व राजेश पाटीदार आदि अतिथि उपस्थिiत रहें ।

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296 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से ::एक वर्षीय गोकृपा कथा के 296 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के कोटा से बालचंद  सिसोदिया मुथा ने अपने जन्मदिवस पर एवं जोधपुर से  चम्पालाल, नंदकिशोर के परिवार की ओर से चम्पालाल की बेटियां व मध्यप्रदेश के करनालिया से भगवान सिंह, अमर सिंह  रामसिंह, गोवर्धन एवं कृपालसिंह आदि अपने ग्राम,नगर  की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया  और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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