MP ब्रेकिंग न्यूज़ : सहेली के घर से लौट रही मासूम के साथ रास्ते में शर्मनाक हरकत: आरोपी अफरोज गिरफ्तार, पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

🔹 मासूम की रोजमर्रा की राह बनी हादसे का कारण🔹 पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में पुलिस ने किया मामला दर्ज🔹 आरोपी अफरोज गिरफ्तार, पूछताछ जारी
जनमत जागरण @ सोयतकलां क्षेत्र।
एक शांत ग्रामीण परिवेश में घटी इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक नाबालिग बालिका अपनी सहेली के घर से खेलकर वापस अपने घर लौट रही थी। गांव की उसी परिचित राह पर, जहां वह रोज निडर होकर गुजरती थी, आरोपी युवक अफरोज ने उसे रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि युवक ने बच्ची के साथ आपत्तिजनक हरकत की और उसे डराने-धमकाने का प्रयास भी किया, ताकि वह किसी को इस बारे में न बताए। मासूम बच्ची किसी तरह खुद को छुड़ाकर घर पहुंची।
🔹 परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट
घर पहुंचने पर बच्ची की घबराहट और बदली हुई स्थिति को देखकर परिजनों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। पूछने पर उसने रोते हुए पूरी घटना बताई। यह सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया और तत्काल बच्ची को साथ लेकर थाने पहुंचा, जहां लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
🔹 इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75(1)(i), 78(1)(i)(iii)
तथा
पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 7 और 8
के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ये धाराएं नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराधों को दर्शाती हैं।
🔹 पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी रामगोपाल वर्मा ने बताया कि
“आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।”
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
🔹 समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बड़े सामाजिक सवाल को सामने लाती है।
जहां गांवों को अब तक सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता रहा है, वहीं इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अब सतर्कता और जागरूकता हर स्तर पर जरूरी हो गई है।
माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने और उन्हें सुरक्षित रहने के बारे में समझाने की आवश्यकता है। वहीं समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सजगता दिखाए।
✍️ सार्थक चिंतन
“मासूमियत की रक्षा केवल कानून से नहीं, समाज की जागरूकता और जिम्मेदारी से भी होती है।”



