भारत के सभी बड़े मंदिरों और गौशालाओं में गुरुकुल स्थापित हो – चंद्रमा दास जी महाराज
जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित और श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहे एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के षष्ठम दिवस पर गौसेवा और सनातन संस्कृति के महत्व पर संतों ने अपने विचार रखे।
गाय माता की सेवा से ही राष्ट्र का उत्थान – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि जैसे हमारे वीर शहीदों ने अपने बलिदान से देश को स्वतंत्र कराया, वैसे ही हमें गौमाता की रक्षा के लिए समर्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा, “गौमाता की कृपा से हर कार्य में सफलता मिलती है। अगर जीवन में सुख, समृद्धि और शांति चाहते हैं तो अपनी जीवन नैया को गोसेवा के सुपुर्द कर दीजिए।”
स्वामी जी ने आगे कहा कि गाय माता ही राम हैं, गाय माता ही कृष्ण हैं। सनातन संस्कृति को बचाने के लिए गौसेवा अनिवार्य है। उन्होंने देश के सभी भामाशाहों और गौशाला संचालकों से आग्रह किया कि हर बड़ी गौशाला में एक गुरुकुल स्थापित किया जाए, जहां नई पीढ़ी गौसेवा के साथ राष्ट्र सेवा के संस्कार प्राप्त करे।
सनातन संस्कृति को बचाने के लिए शिक्षा, भोजन और जल का व्यवसाय बंद हो – चंद्रमा दास जी महाराज
उपसंहार उत्सव में पूज्य संत चंद्रमा दास जी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में जल, कन्या, भोजन, गाय और शिक्षा को बेचना वर्जित था, लेकिन आज इनका व्यवसाय हो रहा है, जिससे सनातन संस्कृति पर संकट बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में ‘श्री कामधेनु गुरुकुलम’ की स्थापना की गई है, जहां निर्धन बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इसकी प्रवेश प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
प्रत्येक राज्य में गो अभयारण्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गो चिकित्सालय की जरूरत
संत चंद्रमा दास जी महाराज ने कहा कि हर राज्य में एक गौ अभयारण्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गो चिकित्सालय होने चाहिए, ताकि बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौवंश का तुरंत उपचार हो सके। उन्होंने ब्रिटिश शासनकाल की शिक्षा पद्धति को दोषी ठहराते हुए कहा कि मैकाले शिक्षा प्रणाली ने भारत के युवाओं को गौसेवा और सनातन संस्कृति से दूर कर दिया है।
विशेष आयोजन और अतिथियों की उपस्थिति
महामहोत्सव के दौरान शिवशक्ति महायज्ञ, ग्वाल प्रशिक्षण शिविर, पंचगव्य उत्पाद शिविर, और महिलाओं के लिए आत्मरक्षा शिविर आयोजित किए गए। 9 से 11 अप्रैल तक गौ आधारित कृषि प्रशिक्षण वर्ग भी होगा।
इस अवसर पर महेश आत्मानंद महाराज (झारखंड), पंडित जितेंद्र शुक्ला (महाराष्ट्र), नगर पालिका पिड़ावा के अध्यक्ष रामेश्वर पाटीदार और अधिशासी अधिकारी मनीष मीणा समेत नगर पालिका का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा।
राजस्थान और मध्यप्रदेश से आई चुनरी यात्रा
जयपुर और आगर जिले से आई महिला मंडलों ने चुनरी यात्रा निकालकर गौमाता को चुनरी ओढ़ाई और पूजन कर आशीर्वाद लिया। अंत में गो पूजन, यज्ञशाला की परिक्रमा और गौशाला में सेवा कर गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया गया।



