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“रामनवमी पर उठी राष्ट्रव्यापी गौ रक्षा कानून की मांग”- गौहत्या पर बने सख्त कानून: स्वामी अखिलेश्वरानंद की पीएम से मांग


प्रधानमंत्री मोदी बनाएं देशभर में गौहत्या पर कठोर कानून, गुजरात की तरह लागू हो राष्ट्रव्यापी व्यवस्था
रामनवमी पर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी महाराज का भावुक आह्वान—गौहत्या रोकने को संगठित हो देश

जनमत जागरण @ सुसनेर (म.प्र.)। श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व का प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य (मालवा) इन दिनों एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के अंतिम चरण में है। रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित उपसंहार उत्सव में पूज्य संतों ने गौ माता के महत्व को रेखांकित किया और भारत को गौ रक्षा का नेतृत्व करने वाला देश बनाने का संकल्प दोहराया।

स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम का धरती पर अवतरण गौ माता की रक्षा के लिए हुआ था। रावण ने सत्ता में आते ही गौवंश के नाश का षड्यंत्र रचा, क्योंकि वह जानता था कि गाय नष्ट हुई तो भगवान स्वयं अवतरित होंगे।

उपसंहार अवसर पर मध्यप्रदेश गो संवर्धन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं भारत माता मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी महाराज ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा, “गुजरात की भांति केंद्र में भी गौहत्या के विरुद्ध कठोर कानून बनाया जाए।” उन्होंने कहा कि श्रीराम जिनकी प्रेरणा हैं, हमें भी गौ रक्षा में तन-मन-धन से समर्पित होना चाहिए।

उन्होंने “गवाल शक्ति सेना”, “धेनु शक्ति संघ” जैसे संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा, “गौतस्करों को पहले प्रेम से समझाएं, फिर भी न माने तो ठोकने से भी न चूकें।”

धेनु शक्ति संघ की राष्ट्रीय संरक्षक श्रीमती उमा मिश्रा ने देशभर की मातृशक्ति से आव्हान किया कि वे संघ से जुड़कर गौ सेवा में भाग लें।

उपसंहार उत्सव का विशेष आकर्षण
रामनवमी के अवसर पर गो अभयारण्य में भव्य आयोजन हुआ। कोटा, सूरत, इंदौर, झालावाड़, उदयपुर, मुम्बई सहित कई क्षेत्रों से श्रद्धालु चुनरी लेकर पहुंचे और भगवती गौमाता का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
भोपाल जनसंपर्क से फिल्म निर्देशक प्रकाश शर्मा व टीम सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

7 अप्रैल को होगा समापन संत सान्निध्य के साथ
उपसंहार समारोह के समापन दिवस पर पथमेड़ा बावजी, खेड़ीघाट से छोटे सरकार व वृंदावन से धनवंतरीदास जी महाराज जैसे दिव्य संतों का आगमन होगा।

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