सम्पादकीयराजीव जी दीक्षित स्वास्थ्य श्रृंखला

देसी खानपान बनाम आधुनिक भोजन: क्या आपका खाना ही आपकी बीमारी है?” स्वास्थ्य संकल्प – 365 दिन | राजीव दीक्षित की दृष्टि से – दिन 2

स्वास्थ्य संकल्प – 365 दिन | दिन 2 | 8 अप्रैल 2025

भोजन: औषधि है या ज़हर?

देसी खान-पान की परख, बीमारियों की जड़ पर सीधा वार

आज का सबसे बड़ा प्रश्न यही है – क्या हम जो खा रहे हैं, वह जीवन दे रहा है या बीमारी?

स्वर्गीय राजीव जी दीक्षित ने वर्षों पहले चेताया था कि आधुनिक भोजन, जिसे हम “प्रोसेस्ड फूड” और “पैकेज्ड हैल्थ” मानते हैं, असल में धीरे-धीरे शरीर में ज़हर की तरह काम करता है। हमारी रसोई अब औषधालय न होकर रासायनिक प्रयोगशाला बन चुकी है, और इसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है।


1. भोजन जो दवा था, अब ज़हर क्यों बन गया?

  • पहले देसी घी, मिट्टी के बर्तन, और मौसमी सब्ज़ियां भोजन की आत्मा थीं।
  • आज रिफाइंड तेल, एल्यूमिनियम और प्लास्टिक के बर्तन, और केमिकल युक्त खाद्य पदार्थ आम हो चुके हैं।
  • रोटी में पोषण नहीं, चावल में तत्व नहीं, दूध में ताकत नहीं। क्यों? क्योंकि हम “प्राकृतिक खाद्य प्रणाली” से दूर हो चुके हैं।

राजीव जी कहते थे:

भोजन वही जो शरीर के पंचतत्वों से मेल खाए। बाकी सब शरीर के खिलाफ है।


2. रोगों की शुरुआत रसोई से होती है

  • दवा से नहीं, आहार से इलाज करें
  • शरीर की शुद्धि भोजन से संभव है, एलोपैथी से नहीं
  • आयुर्वेद भी कहता है – “अन्नं हि औषधं श्रेष्ठम्।

3. क्या करें? सरल देसी समाधान:

  • रिफाइंड के स्थान पर सरसों, नारियल या तिल का कच्ची घानी तेल
  • रोटी-चावल के साथ सलाद और मौसमी हरी सब्जियां
  • रात में दही न खाएं, फल दोपहर तक ही लें
  • बिस्किट, मैगी, कोल्ड ड्रिंक – बच्चों के हाथ से आज ही हटाएं

राजीव दीक्षित की चेतावनी:

यदि आप भोजन को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो शरीर को अस्पताल ही चलाना पड़ेगा।
रासायनिक भोजन का असर धीरे-धीरे दिखता है, लेकिन तब तक शरीर बहुत कुछ खो चुका होता है।


आज का सार्थक चिंतन:

“भोजन शरीर की ज़रूरत नहीं, आत्मा की साधना है। इसे पूजा समझकर ग्रहण करें – न कि स्वाद की गिरफ्त में।”


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हर दिन राजीव जी दीक्षित के विचारों से स्वास्थ्य की ओर एक सार्थक कदम।

लेख प्रस्तुति: राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ जागरूक स्वर – पत्रकार | धरती-केन्द्रित दूरदर्शी


Disclaimer: यह लेखमाला स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी के विचारों पर आधारित है, जिनका उद्देश्य जन-जागरूकता और स्वस्थ जीवन शैली को प्रेरित करना है। यह किसी रोग के निदान, इलाज या चिकित्सीय परामर्श का विकल्प नहीं है। कृपया किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पूर्व अपने विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करें।

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