वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुसनेर में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन, मुस्लिम समाज ने जताई आपत्ति

जनमत जागरण @सुसनेर। वक्फ संशोधन एक्ट 2025 को लेकर देशभर में फैली नाराज़गी अब छोटे शहरों और कस्बों तक भी पहुंचने लगी है। इसी क्रम में सोमवार को सुसनेर में मुस्लिम समाज ने जमीयत उलमाए हिन्द के बैनर तले एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार विजय कुमार सेनानी को सौंपा।
यह प्रदर्शन सुसनेर की शाही जामा मस्जिद ग्राउंड पर आयोजित किया गया, जिसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व काज़ी हाफिज नवाब खान ने किया।

ज्ञापन में क्या कहा गया:
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में वक्फ की ज़मीनों को इस्लामिक विरासत और धार्मिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन पर किसी भी प्रकार का सरकारी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है। उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करार देते हुए मांग की कि सरकार इस संशोधन को तत्काल वापस ले।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस प्रकार किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में एकजुट होकर सरकार को झुकने पर मजबूर किया, उसी तरह मुस्लिम समाज भी अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारत हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और भाईचारे की मिसाल रहा है। ऐसे कानून जो किसी समाज विशेष की धार्मिक आस्थाओं और संस्थानों को प्रभावित करें, वे देश की एकता के लिए खतरा बन सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
हाफिज नवाब खान,
मुफ्ती शाहरुख खान,
हाफिज इमरान,
मुफ्ती जुनेद,
मौलाना मोहसिन,
पार्षद नईम अहमद मेव
सहित मुस्लिम समाज के अनेक गणमान्यजन।



