MP BREAKING सोयतकलां: खेत पर नीलगाय भगाने गए किसान की करंट लगने से मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने 2 घंटे नेशनल हाईवे को किया जाम – बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप

“करंट से नहीं, लापरवाही से मौत
✍️ गांव में महीनों से झूलते तार मौत का इंतज़ार कर रहे थे, और आखिरकार एक मासूम परिवार इसकी कीमत चुका बैठा। चेतावनियाँ उठती रहीं, मगर व्यवस्था की खामोशी नहीं टूटी। दुखद हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे रोक दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिलाया। पर गांव में दर्द वही है—लापरवाही कब रुकेगी?
पढ़ें यह ऑन द स्पॉट ग्राउंड रिपोर्ट
गुस्साए ग्रामीणों ने इंदौर–कोटा नेशनल हाइवे किया जाम, बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप
सोयतकलां के समीप ग्राम दीवानखेड़ी में मंगलवार रात 8 बजे लगभग एक हृदयविदारक हादसा हो गया।
40 वर्षीय किसान भगवान सिंह राजपूत की खेत पर करंट लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बिजली लाइनें लंबे समय से टूटी–झूलती पड़ी थीं, जिसकी शिकायतें कई बार की गई थीं, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

दु:ख और आक्रोश से भरे ग्रामीणों ने सुबह लगभग 9:30 बजे इंदौर–कोटा नेशनल हाईवे (NH 552G) पर देहरिया में चक्का जाम कर दिया। मृतक का शव भी मौके पर रखकर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद दोपहर 12 बजे जाम खोला गया। सुसनेर संवाददाता दीपक जैन ने बताया कि मंगलवार रात करीब पौने 10 बजे भगवान सिंह को मृत अवस्था मे सुसनेर सिविल हॉस्पिटल लाया गया था जिसका पीएम बुधवार की सुबह कर शव को परिजनों को सोपा। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित नागर, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह गूदंलावदा तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी चक्का जाम स्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों तथा प्रशासन के बीच सामंजस्य बिठाकर इस संवेदनशील मामले को सुलझाया
अधिकारियों की मौजूदगी और समझाइश के बाद खुला जाम

चक्का जाम स्थल पर
– एसडीएम सर्वेश यादव
– एसडीओपी देवनारायण यादव
– विद्युत मंडल के डीई सिद्धार्थ बबोरी
– तहसीलदार राजेश श्रीमाल
– थाना प्रभारी रामगोपाल वर्मा
सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बड़ी मशक्कत और बातचीत के बाद परिजन मानने को तैयार हुए।
ग्रामीणों के आरोप: “महीनों से दे रहे थे सूचना, पर किसी ने नहीं सुनी”
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए—
▪️ तार जगह-जगह झूल रहे थे, कई स्थानों पर टूटे हुए थे।
▪️ गांव की दोनों डीपी खुले में चौराहे पर रखे हैं, बच्चे-बुजुर्ग रोज़ दुर्घटना के खतरे में रहते हैं।
▪️ गाँव में डाली गई केबल जल चुकी है, इतनी नीचे झूलती है कि ग्रामीण मुश्किल से आवागमन करते हैं।
▪️ 15 दिन पहले एक ट्रैक्टर चारे समेत जल चुका था, कारण—झूलते तार।
▪️ पूर्व में भी पशुओं की करंट से मौत हुई है।
▪️ लाइनमैन को कई बार बताया, पर किसी ने दुरुस्ती नहीं की।
▪️ सीताराम राठौर, रामबाबू , शंभू लाल ,भेरुलाल , करण सिंह , मुकेश, कालुराम ने कहा कि दिवानखेडी के ग्रामीणों ने बताया कि सोयतकलां थाने में भी इस लाइनमैन के खिलाफ आवेदन दे रखा है । ग्रामीणों का दावा: 181 पर शिकायत करने वाले किसानों के बिल 3–4 गुना बढ़ा दिए जाते हैं।
▪️ बालचंद राठौर पिता देवा जी दिवानखेड़ी वाले तथा अन्य ग्रामीणों ने बताया कि चार घरों को 24 घंटे लाइट देना और पैसे लेने का गंभीर आरोप भी लगाया ।
80 वर्षीय गोकुल राठौर ने पीड़ा व्यक्त की—
“मैंने जीवन में इतनी लापरवाही कभी नहीं देखी।”
डीई सिद्धार्थ बाबोरी का आश्वासन

अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का भरोसा दिया—
▪️ लाइनमैन, सहायक और सुपरवाइजर सहित संबंधित सभी कर्मचारियों को हटाया जाएगा।
▪️ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
▪️ गांव की बिजली व्यवस्था की पूरी जांच कर शीघ्र सुधार किया जाएगा।
“घटना के कारणों में असमंजस”- मृतक के निकट संबंधी गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि लगभग 8:00 बजे खेत पर गए थे नीलगाय भगाने के लिए उस समय यह घटना हुई है। घटना को लेकर परिजन और ग्रामीणों के बीच अलग-अलग जानकारियाँ सामने आईं। परिजनों का कहना है कि भगवान सिंह रात को नीलगाय भगाने के लिए खेत पर गए थे, वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि संभवतः वे डीपी के पास किसी तार को देखने पहुँचे होंगे, जहाँ अचानक करंट की चपेट में आ गए। हालांकि वास्तविक स्थिति क्या थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, पर एक बात निश्चित है कि यह एक अनहोनी दुर्घटना थी और किसी का भी उद्देश्य किसी प्रकार की लापरवाही या जोखिम उठाना नहीं था। दुखद घटना में एक परिवार का सहारा समाप्त हो गया है, इसलिए आवश्यक है कि व्यवस्थागत खामियों की जांच हो और प्रभावित परिवार को पूरा सहयोग मिले।
मृतक के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय
▪️ भगवान सिंह 40 वर्ष
▪️ दो बेटियाँ और एक पुत्र
▪️ बुजुर्ग मां
▪️ पत्नी स्वयं भी गंभीर मरीज
▪️ परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा भगवान सिंह ही थे।
उनका जाना पूरा परिवार उजाड़ देने जैसा है।
ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को सौंपा गया आवेदन — ये मांगे रखीं

दीवानखेड़ी ग्राम पंचायत के लेटरहेड पर दिया गया आवेदन:
- घटना के जिम्मेदार लाइनमैन बालचंद कुशवाहा, सहायक हरीश राठौर, रामप्रसाद और सुपरवाइजर को पदमुक्त कर कार्रवाई हो।
- मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये सहायता राशि प्रदान की जाए।
- मृतक भगवान सिंह के बच्चों की शिक्षा निशुल्क की जाए।
- परिवार को 5000 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहयोग मिले।
- बिजली विभाग को पूर्व में दिए गए सभी लिखित–मौखिक शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने पर जांच हो।
✍️ सार्थक चिंतन : ग्राम दीवानखेड़ी की पीड़ा केवल एक हादसे की कहानी नहीं है, बल्कि उस उपेक्षा की तस्वीर है जहाँ लापरवाही की एक चिंगारी एक पूरे परिवार की जिंदगी उजाड़ देती है। खेतों में रात-दिन मेहनत करने वाले किसान अपनी सुरक्षा को लेकर असुरक्षित हैं। भगवान सिंह राजपूत की मौत ने फिर याद दिला दिया है कि बिजली प्रबंधन की छोटी सी गलती भी किसी के पूरे परिवार को अंधकार में धकेल सकती है।



