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सुसनेर में सांवरिया सेठ की भव्य भजन संध्या में 35 हजार से अधिक श्रद्धालु उमड़े। गोकुल शर्मा के भजनों और पुष्पवर्षा ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया

“मेरी गाड़ी… मेरा बंगला… मेरा पैसा… सब कुछ तेरो सांवरिया सेठ—”
सुसनेर में सजा सांवरिया सेठ का विराट दरबार, 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रचा भक्ति-इतिहास


जनमत जागरण @ सुसनेर।
जब हजारों कंठ एक साथ यह उद्घोष करें कि—
“मेरा तो कुछ भी नहीं…”
तब वह आयोजन केवल भजन संध्या नहीं रहता, वह ईश्वर के प्रति सामूहिक समर्पण का उत्सव बन जाता है।
ऐसा ही दिव्य और ऐतिहासिक दृश्य गुरुवार की रात सुसनेर के बड़े जीन परिसर में देखने को मिला, जहाँ सांवरिया सेठ के दरबार में भक्ति, आस्था और उल्लास की ऐसी विराट धारा बही कि पूरा नगर भावविभोर हो उठा।
अयोध्या में विराजमान प्रभु श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की पावन वर्षगांठ एवं हिंदू गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य भजन संध्या में 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति ने सुसनेर के धार्मिक-सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।


🚩 भजन नहीं, आत्मसमर्पण की साधना बनी भजन संध्या
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं सांवरिया सेठ की भव्य आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध भजन गायक गोकुल शर्मा (राजस्थान) ने गणेश वंदना से जैसे ही भजनों की श्रृंखला प्रारंभ की, पूरा परिसर “जय सांवरिया सेठ” के जयकारों से गूंज उठा।
“मेरी गाड़ी मेरा बंगला”,
“जिसको चाहिए काली गाड़ी”,
“नाम लिखो सांवरिया को”

जैसे सुप्रसिद्ध भजनों पर श्रद्धालु झूमते, गाते और नाचते नजर आए। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे—हर वर्ग भक्ति के एक ही भाव में बंधा दिखाई दिया। देर रात तक पूरा सुसनेर भक्ति के रंग में रंगा रहा।


🚩 5 क्विंटल पुष्पवर्षा में नहाया सांवरिया सेठ का दरबार
भजन संध्या के दौरान करीब 5 क्विंटल पुष्पों की वर्षा की गई। फूलों की खुशबू, भजनों की गूंज और श्रद्धालुओं की भावनाओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह दृश्य केवल देखने योग्य नहीं, बल्कि अनुभव करने योग्य था।


🚩 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति

इस विराट आयोजन में सुसनेर नगर के साथ-साथ नलखेड़ा, सोयत एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों से 35 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। इतनी विशाल, अनुशासित और शांतिपूर्ण भीड़ ने इस आयोजन को वर्षों तक याद रखे जाने वाला बना दिया।
🚩 आस्था के मंच पर राजनीति से ऊपर उठा समर्पण
इस भजन संध्या की सबसे विशेष बात यह रही कि सांवरिया सेठ के दरबार में कोई दल नहीं, कोई राजनीति नहीं—केवल श्रद्धा और समर्पण उपस्थित था।
कार्यक्रम में वर्तमान विधायक भैरो सिंह बापू, पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी, पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चिंतामन राठौर सहित जिलेभर के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह दृश्य अपने आप में संदेश दे गया कि—
भक्ति के मंच पर सत्ता और विपक्ष भी समान भाव से ईश्वर चरणों में नतमस्तक हो जाते हैं।


🚩 टीम सेवा सारथी की शानदार व्यवस्था


आयोजन समिति टीम सेवा सारथी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं अनुशासन के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गईं।
महिलाओं के लिए पृथक बैठक व्यवस्था, सुचारु यातायात, पेयजल, प्रकाश एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
समिति के रजनीश सेठी, राणा प्रथम पाल सिंह, विपिन लड्डा, अभिजीत बजाज, मयंक लड्डा, सौरभ ओसवाल, अंशुल जैन, धीरज जैन, हिम्मत सिंह सहित सभी स्वयंसेवकों की सतत निगरानी के चलते आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।
🚩 जब पुलिस भी भक्ति में झूम उठी
कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी भजनों की धुन पर भक्ति में झूमते नजर आए। यह दृश्य सुरक्षा और श्रद्धा के अद्भुत संगम का प्रतीक बना, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों द्वारा सराहा जा रहा है।
🚩 भक्ति, व्यवस्था और आस्था का अद्भुत संगम

देर रात तक चली यह दिव्य भजन संध्या सुसनेर के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह हिंदू एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन गई।
🚩 सांवरिया सेठ के चरणों में झुका सुसनेर—
और इतिहास में दर्ज हो गया एक अविस्मरणीय अध्याय।

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