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देश के सभी 05 लाख सन्त, 20 करोड़ गो प्रेमी 07 दिन का समय दे तो गो माता राष्ट्र माता स्थापित हो सकती है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। आज ही के दिन सिख धर्म के सातवें गुरु, गुरु हर राय का निर्वाण दिवस 6 अक्टूबर, 1661 को था. गुरु हर राय का जन्म 16 जनवरी, 1630 को पंजाब में हुआ था. गुरु हर राय, सिख धर्म के दस गुरुओं में से एक थे. गुरु हर राय, अपने दादा और छठे सिख गुरु गुरु हरगोबिंद की मृत्यु के बाद, 14 साल की उम्र में ही वे राष्ट्र सेवा में जुट गए । गुरु हर राय ने छठे सिख गुरु द्वारा इकट्ठा की गई सिख सैनिकों की बड़ी सेना को बनाए रखा, लेकिन सैन्य संघर्ष से बचे रहे उन्होंने रूढ़िवादी सुन्नी प्रभावित औरंगज़ेब के बजाय उदारवादी सूफ़ी प्रभावित दारा शिकोह का समर्थन किया.। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 181 वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कही।

🚩 स्वामीजी ने बीकानेर क्षेत्र में सोलर प्लांट के नाम से मारवाड़ की तुलसी कही जाने वाले खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर दुःख प्रकट करते हुए बताया है कि जिस खेजड़ी के बचाने के लिए हजारों लोगों ने अपना बलिदान दे दिया था आज उसी खेजड़ी को सोलर प्लांट के नाम से काटा जाना न्यायोचित है और सरकार को इस पर तुरन्त रोक लगानी चाहिए ।  स्वामीजी ने  आबड मां के जीवन के बारे में दूसरे दिन बताते हुए कहां कि जिस प्रकार  गो रक्षा हितार्थ  आवाड माताजी ने गुजरात एवं सिंध प्रान्त सहित सम्पूर्ण भारत में भ्रमण कर जन जागृति की थी उसी प्रकार मेरे देश के लगभग 05 लाख सन्त,09 करोड़ ब्राह्मण , 20-25 करोड़ गो भक्त एवं 8-9 करोड़ अन्य सज्जन शक्ति सम्पूर्ण भारत में एक साथ 07दिन के लिए अपना घर बार छोड़कर गोमाता के जनजागरण के लिए घर बार छोड़ेंगे तो पुण्य भूमि भारत में एक भी गोमाता सड़क पर नहीं भटकेगी और भारत माता गौरव पद पर स्थापित हो सकती है ।  महराज जी ने आगर मालवा के सभी गो प्रेमी सज्जनों को आह्वान किया कि आपके क्षेत्र में विश्व का प्रथम गो अभयारण्य है और इस गो अभयारण्य को संभालने के लिए 365 ऐसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है जिसमें से प्रतिदिन एक एक कार्यकर्ता पूरे दिन इस गो अभयारण्य की सार संभाल करें तो यह अभयारण्य आप सभी के प्रयास से विश्व का दूसरा गोकुल बन सकता है ।    पूज्य स्वामीजी ने आगामी 10 अक्टूबर को होने वाली करणी माता के प्रकट उत्सव एवं 16,17 अक्टूबर को गो अभयारण्य में होने वाले शरदोत्सव एवं 02 से 10 नवम्बर तक होने वाले गो नवरात्रि महा महोत्सव की  जानकारी दी ।   

⏩ 181वें दिवस पर भारत विकास परिषद् आगर अध्यक्ष कैलाश माहेश्वरी ने स्वर्गीय गोपी बाई-जय किशन जी माहेश्वरी की पुण्य स्मृति में विश्व के प्रथम गो अभयारण्य मालवा में तुलादान गृह भेंट किया जिसका शुभारम्भ नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर पूज्य स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती का तुलादान करके करवाया ।

अतिथि :: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सांभर जिला प्रचारक सुभाष जी, एवं आगर के दीपक दईया यू ट्यूब चैनल के संचालक एवं हरिश कुमार श्रीवास्तव,सदस्य मध्यप्रदेश योग आयोग के सदस्य आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

181 वे दिवस पर चुनरी यात्रा  मधयप्रदेश के शाजापुर एवं आगर मालवा जिले से ::   एक वर्षीय गोकृपा कथा के 181 वें दिवस पर  मधयप्रदेश के शाजापुर जिले के दुपाडा  ग्राम से सुरेश राठौर,गोपाल राठौर, चिंरजीव रोहित राठौर व राहुल राठोर एवं  आगर नगर भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष कैलाश श्रीमती कल्पना माहेश्वरी,सचिव डॉ. विवेक डॉ.सुनीता, कोषाध्यक्ष रमण जैन श्रीमति डिम्पल जैन, संगठन मंत्री रूपेश भावसार,एवं प्रांतीय सम्पर्क प्रमुख राजेंद्र श्रीमती उमा शर्मा, राजेश मेंठी प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य , डॉ.नरेन्द्र सिंह ठाकुर पूर्व अध्यक्ष एवं भारत विकास परिषद् के सभी सदस्यगण व  गिलडा परिवर  की और से सम्पूर्ण ग्राम /नगर की और  से  देश, राज्य एवं ग्राम, नगर  के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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