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“गोबर के इतने चमत्कार हैं तो फिर हम गोर्गेनिक फार्मिंग करें, ऑर्गेनिक फार्मिंग के चक्कर में क्यों पड़े” – स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती

इजरायल के यहूदी भी पूर्व में सोने के नन्दी की पूजा करते आएं है ऐसी हमारी संस्कृति गो आधारित रहीं है - परमहंस प्रज्ञानानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर:: गायमाता के पंचगव्य का महत्त्व बताते हुए बच्चे के जन्म के समय उसकी किस प्रकार नाल काटना चाहिए उसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्ति की नाभी सबसे मत्त्वपूर्ण है और जन्म के समय उसके काटने की विधि ही उसके जीवन की दिशा बनाती है । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 209 वे दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही।

हम गोर्गेनिक फार्मिंग करें, ऑर्गेनिक फार्मिंग के चक्कर में क्यों पड़े” : नवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस आयुर्वेद एवं पंचगव्य सम्मेलन आए वक्ताओं ने गाय की महिमा, पंचगव्य और गोबर के खेती में उपयोग करने के कई चमत्कार बताएं । वक्ताओं ऑर्गेनिक फार्मिंग विषय पर भी विस्तार से चर्चा की । ऑर्गेनिक फार्मिंग पर स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने कहा कि कटाश करते हुए कहा कि आप सभी वक्ताओं ने ” गाय के गोबर के इतने चमत्कार बताएं हैं तो फिर हम गोर्गेनिक फार्मिंग करें, ऑर्गेनिक फार्मिंग के चक्कर में क्यों पड़े” ।

🚩 ये तीनों ही एक पंथ है यहूदी, ईसाई एवं मुस्लिम :: 209 वें दिवस पर पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहां कि यहूदी, ईसाई एवं मुस्लिम ये तीनों ही एक पंथ है और इनके धर्म गुरुओं ने शाकाहार ग्रहण करने की बात कही है और इजरायल के यहूदी तो पूर्व में सोने के नन्दी की पूजा करते आएं है लेकिन इनके अनुयाई आज मांसाहार भक्षण कर रहें है । पूज्य महाराज जी ने आगे कहां की हमारी संस्कृति गो आधारित रहीं है लेकिन हरित क्रांति के नाम से हमारी गो आधारित कृषि को नष्ट कर हमें विदेशी कंपनियों पर निराश्रित कर दिया है जिसके कारण हमारा किसान आर्थिक बोझ में दबकर अपने परिवार सहित सम्पूर्ण भारत के प्राणियों को रोगी बना रहन है इसलिए हमें इन सब संकट से बचना है तो पुनः गो कृषि की ओर लौटना होगा।

⏩ गो कृपा कथा में स्वामी महेशानंद जी महाराजजी पूरी,ओम प्रकाश जी दण्डी स्वामी जी वाना आश्रम,पूज्य योगेश दास जी सुरभि शक्तिपीठ गांधीनगर गुजरात एवं भैरू महाराज, मेवाड़ का सानिध्य मिला।

⏩ गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वेद लक्षणा गो नवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस प्रभातफेरी एवं गो पूजन के साथ प्रारम्भ हुआ और प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक आयुर्वेद एवं पंचगव्य सम्मेलन पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद सरस्वती के पावन सानिध्य एवं श्री मेघराज जैन पूर्व गो संवर्धन बोर्ड अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद की अध्यक्षता में आयजित हुआ़ जिसमें मेवालाल पाटीदार गायत्रीधाम सेंधवा, वैद्य प्रज्ञान त्रिपाठी वरिष्ठ पंचगांव विशेषज्ञ उज्जैन, वैद्य राधिका माहेश्वरी, राकेश निहाल जोधपुर, श्री सुधीर गोयल सेवाधाम उज्जैन,श्री सुनील मानसिंहका सदस्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड गो विज्ञान अनुसंधान केन्द्र देवलापार एवं श्री जोराराम गो परिषद जोधपुर का मार्गदर्शन मिला ।

⏩ 208 वे दिवस पर चुनरी पृथ्वीराज सिंह चौहान की नगरी अजयमेरू(राजस्थान) से ::   एक वर्षीय गोकृपा कथा के 209 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के अजयमेरू से श्रीमति राजकंवर के परिवार की ओर से अपने नगर,राज्य एवं देश के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। 

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