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ठाकुर जी जब गोरक्षा के लिए सूकर के रूप में अवतरित हो सकते है तो हमें भी गोरक्षा के लिए पीछे नहीं हटना चाहिए – पू. रामप्रवेश दास जी महाराज वराहघाट

गोरक्षा के लिए ही ठाकुर जी सतयुग में सूकर एवं द्वापर में ग्वाल बनकर धरती पर अवतरित हुए है

जनमत जागरण @ सुसनेर। गोचर भूमि से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पहला उपाय है प्रार्थना । जिन्होंने कब्जा कर रखा है उनसे प्रार्थना करे, उनसे कहे कि जिस भूमि पर आपने अतिक्रमण कर रखा है वह भूमि गोमाता के चरने के लिए है। हमारे पूर्वजों ने इसी निमित्त यह भूमि छोड़ी थी। जिस भूमि पर मुगल काल में मुसलमानों ने कब्जा नहीं किया, ब्रिटिश शासन में अंग्रेजों ने कब्जा नहीं किया उस भूमि पर हम हिन्दू होकर के वर्तमान में कब्जा करते है यह हमारे लिए उचित नहीं है इसीलिए आपसे प्रार्थना है कि आप गोचर भूमि को छोड़े। हमारे शास्त्रों में लिखा है गोचर भूमि पर कब्जा करने वाला अपनी सात पीढ़ियों के लिए नर्क का रास्ता खोल देता है। यह समझना है । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 211 वे दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही ।

⏩ दूसरा तरीका शासन से मिलकर पता करे कि गांव में गोचर भूमि कितनी है। उनसे कहे कि गोचर भूमि से कब्जा हटवाए अन्यथा हम आंदोलन करेंगे। अगर ऐसे करने से भी यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो हम अपनी निजी जमीन को कब्जे से छुड़ाने के लिए जिस प्रकार प्रयास करते है वह तरीका अपनाए। गौसेवक का धर्म नहीं होता, कोई जाति नही होती, कोई समाज नहीं होता, कोई क्षेत्र नहीं होता। कश्मीर से कन्याकुमारी तथा कोहिमा से कांदला ही नहीं विश्व के किसी भी कोने में वेदलक्षणना गोमाता है उनके लिए कोई कार्य की बात आती है तो हम वहां तक जाकर कार्य करेंगे । यह संकल्प ही गोभक्ति कहलाती है ।

  • ठाकुर जी जब गोरक्षा के लिए सूकर के रूप में अवतरित हो सकते है तो हमें भी गोरक्षा के लिए पीछे नहीं हटना चाहिए :: 211 वें दिवस पर वराहघाट के पूज्य संत राम प्रवेश दास जी महाराज गुफ़ा मन्दिर ने अपने आशीर्वचन में बताया कि भगवान सारी सृष्टि के जीवों का बीज है और गोरक्षा,धर्म रक्षा के लिए ही ठाकुर जी ने सतयुग में सूकर एवन द्वापर में स्वयं ग्वाल बनकर धरती पर अवतरित हुए है अर्थात जब ठाकुर जी गोरक्षा के लिए सूकर के रूप में अवतरित हो सकते है तो हमें भी जगत जननी भगवती गोमाता के रक्षार्थ कुछ भी करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए । चाहे वह गो तस्करों से मुकाबला हो या गोचर भूमि पर कब्जा करने वाले क्यों गोमाता को बचाने के लिए हमें हर सम्भव प्रयत्न करने की आवश्यकता है।

⏩ 211वें दिवस पर स्वामी महेशानंद जी महाराजजी पुरी,ओम प्रकाश जी दण्डी स्वामी जी वाना आश्रम,पूज्य योगेश दास जी सुरभि शक्तिपीठ गांधीनगर गुजरात , गुफ़ा मन्दिर भोपाल के पूज्य संत राम प्रवेश दास जी महाराज वराह घाट, पूज्य उद्धव दास जी महाराज सीहोर,पूज्य आकर्षण दास जी महाराज ,सहित अनेक पूज्य संतो का सानिध्य मिला ।

⏩ गोनवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर आयोजित मध्यप्रदेश गोशाला सम्मेलन में जबलपुर से पूज्य संत आकर्षण जी, पूज्य सुखदेव जी महाराज मान गंगा गोधाम ओंकारेश्वर, पूज्य श्याम सुन्दर जी महाराज,श्रीगोधाम महातीर्थ लोक पुण्यार्थ न्यास के राष्ट्रीय महामंत्री अर्जुन सिंह , प्रबंध न्यासी अम्बा लाल सुधार एवं राजस्थान गो सेवा समिति जे महामंत्री रघुनाथ सिंह ,नरेश राजपुरोहित पूर्व संचालक मध्यप्रदेश गो संवर्धन बोर्ड, एवं हरिवल्ल्भ त्रिवेदी उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग आगर ने गोशाला संचालन में आ रही समस्याओं के बारे में चर्चा की ओर सभी वक्ताओं ने गोशालाओ की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर गो सेवा समिति गठन की बात कही ताकि समस्याओं ताकि समस्याओं का समाधान हो सकें ।

⏩ सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वायं सेवक संघ के गोसेवा आयाम के मालवा प्रांत के सहप्रांत गो सेवा संयोजक समर सिंह चंदेल, सोहन विश्वकर्मा क्षेत्र गो रक्षा संयोजक विश्व हिंदू परिषद सहित मध्यप्रदेश की गोशालाओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सभी गोशाला प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा गुड़ी पड़वा से प्रति गोवंश 40 रूपए अनुदान देने की जो घोषणा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन जी यादव ने की है,उसे तुरंत लागू करने की मांग की विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में ज्योतिर्मठ के जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज 07 नवम्बर को पधार कर गो कृषि एवं किसान सम्मेलन में मार्गदर्शन करेंगे ।

 211 वे दिवस पर चुनरीयात्रा हरियाणा एवं मध्यप्रदेश से ::  एक वर्षीय गोकृपा कथा के 211 वें दिवस पर चुनरी यात्रा हरियाणा के करनाल से एवं मध्यप्रदेश के धार जिले की खुंटफला गोशाला,श्री गणेश बड़केश्वर गोशाला व लाबरिया गोशाला एवं आगर जिले के सोयत से अमर सिंह विश्वकर्मा के परिवार की ओर से   ग्राम के सैकडों माता बहिने, युवा एवं पंच पटेल अपने गांव ,नगर,राज्य एवं देश के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  56 भोग एवं चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। 

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