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राज्य स्तरीय श्री चन्द्रभागा (कार्तिक) मेले में भजन संध्या का अद्भुत आयोजन, भक्ति और देशभक्ति का अनूठा संगम

जनमत जागरण @ झालावाड़:: राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिकता का प्रतीक राज्य स्तरीय श्री चन्द्रभागा (कार्तिक) मेले के दौरान जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे त्रिदिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में अंतिम दिन शनिवार रात्रि को मेला मैदान में अंतिम दिन अद्भुत भक्ति और देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो गया। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शनिवार रात्रि को मेला मैदान में बालोतरा के प्रसिद्ध भजन सम्राट प्रकाश माली की भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया।

प्रकाश माली की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां :: प्रकाश माली ने अपनी सुमधुर आवाज़ और अद्वितीय गायन शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिनमें भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत प्रवाह था। उनकी प्रस्तुति ने न केवल भक्तिमय वातावरण बनाया बल्कि दर्शकों को देशभक्ति के गीतों से भी सराबोर कर दिया।कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने गाया, “दिल की दुनिया बसाएंगे हम, ग़म की दुनिया का घर छोड़ कर…” तो श्रोताओं ने तालियों और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। वहीं, “नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो…” जैसे गीतों ने पांडाल में एक अलौकिक ऊर्जा का संचार किया।

श्रोताओं में दिखा विशेष उत्साह :: भजन संध्या में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु, और पर्यटक शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित श्रोताओं ने भजनों पर झूमते हुए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे आयोजन में “जय जय राजस्थान” के नारों की गूंज ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

परंपरा और संस्कृति का संगम :: राज्य स्तरीय श्री चन्द्रभागा मेला न केवल धार्मिक आयोजन का प्रतीक है, बल्कि यह राजस्थान की परंपरा और संस्कृति को सहेजने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। इस मेले में हर वर्ष देशभर से श्रद्धालु आते हैं, और भजन संध्या जैसे कार्यक्रम इस आयोजन को और भी खास बनाते हैं।

संगीतकारों और काव्य शिल्पियों का योगदान:: कार्यक्रम में प्रकाश माली के साथ उनके संगीतकारों का भी विशेष योगदान रहा। जीत दवे, कैलाश, रोहित, कार्तिक, संदीप और प्रेम माली की उत्कृष्ट संगत ने भजनों को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। इसके अलावा, ओम महावर ने अपनी शेरो-शायरी से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया।

सम्मान और आभार व्यक्त किया गया :: कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने प्रकाश माली और उनकी टीम का माल्यार्पण कर स्वागत किया। समापन पर जिला पर्यटन अधिकारी सिराज कुरैशी ने सभी कलाकारों और दर्शकों का आभार प्रकट किया। राज्य स्तरीय श्री चन्द्रभागा मेला न केवल भक्तों के लिए, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करने के लिए भी एक उत्कृष्ट मंच है। त्रिदिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतिम दिन आयोजित हुई भजन संध्या ने मेले को भव्य और यादगार बनाने में सफल रही।

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