हरियाणा से गुजरात तक: युवाओं का गौ सेवा अभियान देशभर में प्रेरणा”क्या गोमाता का संकट ही भारत की विपन्नता का कारण है?”

जनमत जागरण @ सुसनेर। पथमेड़ा गोसेवा का ही परिवार एवं गोसेवा ही उसका विचार है, एक गैया मैया की सेवा होने मात्र से सारे संसार की सेवा स्वत: किसी न किसी रूप में हो जाती है और इस कलियुग में तो गैया मैया की सेवा का बहुत महत्व है क्योंकि कलियुग में चहुओर नकारात्मक ऊर्जा जो मनुष्य को सत्कार्य से रोकती है लेकिन जहां जहां गैया आनन्द पूर्वक श्वास छोड़ती है वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है और गो अभयारण्य में इस ऊर्जा प्रभाव भी दिखने लगा है अर्थात् कल गोबर पीठ से ग्वाल शक्ति सेना का बीजारोपण किया था और देशभर के 5हजार युवाओं के माध्यम से 11 लाख गोप्रेमी जोड़कर 11लाख निराश्रित गोवंश को घरों में बांधना है उसके रुझान के रूप में हरियाणा के ऊंचा माजरा के हरि ओम नामक युवा जो किराए के घर पर रहता है उसने सड़क में घूम रही निराश्रित 50 गौमाताओं को अपने घर में बांधकर ठंड से बचाया है उसी प्रकार राजस्थान,मध्यप्रदेश एवं गुजरात के डीसा निवासी नरेश पुरोहित आदि सैकड़ों युवाओं ने इस कड़कड़ाती ठंड से बचाने के लिए सैकड़ों गौमाताओं को अपने घरों में लाएं है साथ ही नीमच में कुछ लोगों ने निर्दयता पूर्वक गोवंश को मार मार कर घर से निकाला है उसकी कड़ी निंदा कर नीमच जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही के लिए कहां है । आज भारत की सर्वप्रथम शिक्षक महिला सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं। हर बिरादरी और धर्म के लिये उन्होंने काम किया। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 270 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।
⏩ सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बना गो अभयारण्य :: स्वामीजी ने आगे बताया कि पथमेड़ा गोसेवा का ही परिवार एवं गोसेवा ही उसका विचार है, एक गैया मैया की सेवा होने मात्र से सारे संसार की सेवा स्वत: किसी न किसी रूप में हो जाती है और इस कलियुग में तो गैया मैया की सेवा का बहुत महत्व है क्योंकि कलियुग में चहुओर नकारात्मक ऊर्जा जो मनुष्य को सत्कार्य से रोकती है लेकिन जहां जहां गैया आनन्द पूर्वक श्वास छोड़ती है वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है और गो अभयारण्य में इस ऊर्जा प्रभाव भी दिखने लगा है अर्थात् कल गोबर पीठ से ग्वाल शक्ति सेना का बीजारोपण किया था और देशभर के 5हजार युवाओं के माध्यम से 11 लाख गोप्रेमी जोड़कर 11लाख निराश्रित गोवंश को घरों में बांधना है उसके रुझान के रूप में हरियाणा के ऊंचा माजरा के हरि ओम नामक युवा जो किराए के घर पर रहता है उसने सड़क में घूम रही निराश्रित 50 गौमाताओं को अपने घर में बांधकर ठंड से बचाया है उसी प्रकार राजस्थान,मध्यप्रदेश एवं गुजरात के डीसा निवासी नरेश पुरोहित आदि सैकड़ों युवाओं ने इस कड़कड़ाती ठंड से बचाने के लिए सैकड़ों गौमाताओं को अपने घरों में लाएं है साथ ही नीमच में कुछ लोगों ने निर्दयता पूर्वक गोवंश को मार मार कर घर से निकाला है उसकी कड़ी निंदा कर नीमच जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही के लिए कहां है ।
⏩ पूज्य महाराज जी ने आगे बताया कि गोमाता भारत का हृदय है और गोमाता का संकट भारत का संकट है क्योंकि वैज्ञानिक,सांस्कृतिक,आर्थिक दृष्टिकोण से देखेंगे तो गोमाता भारत का हृदय है और उसे। कष्ट देंगे तो भारत की आर्थिक स्थिति बिगड़कर भारत विपन्नता की और बढ़ेगा जिसका इतिहास साक्षी है अर्थात सोने की चिड़िया कहें जाने वाले भारत की आज क्या स्तिथि हो गई है ।
⏩ एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 270 वें दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में खरगौन के जिला न्यायाधीश माननीय मुकेश नाथ जी उनकी अर्दाग्नि श्रीमती पम्मी नाथ प्राचार्य हायर सेकेंड्री स्कूल देवास,श्री सुरेश गुजराती प्रबन्धक कॉपरेटिव बैंक देवास उनकी अर्दाग्नि श्रीमती राजकुमारी,श्री अमित अभय रामदास पल्लव कथावाचक एवं गो संवर्धन बोर्ड के सदस्य उनकी अर्दाग्नि चंद्रा पाण्डेय पुत्री दक्षिता पांडेय, डॉ.पन्ना लाल धार,रविशंकर श्री वास्तव आगर,अशोक कुमार श्रीवास्तव सुसनेर,श्री हरिवल्लभ जी त्रिवेदी उपसंचालक पशुपालन विभाग की अर्दाग्नि श्रीमती प्रतीका त्रिवेदी एवं उनकी पुत्री शुभि त्रिवेदी,मांगीलाल शर्मा(सचिव) सुसनेर खण्ड प्रमुख (RSS) अपने परिवार के साथ आदि अतिथि उपस्थित रहें और न्यायाधीश मुकेश नाथ महोदय ने गुड से अपना तुलादान करवाया ।

270 वे दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तराखंड, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 270 वें दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तहसील से भुवन चन्द्र तिवारी के परिवार , राजस्थान के भवानीमंडी बंधु कचौरी परिवार एवं मध्यप्रदेश के इन्दौर महानगर से गोमाता महिला मण्डल से कंकु देवी राजपुरोहित, शकुंतला दवे, पुष्पा माली, कंचन माली, गोमती माली,जोशना माली, त्रिवेणी माली त्रिवेणी,शारदा प्रजापत,गीता प्रजापत,सविता प्रजापत,इंद्र प्रजापत, आशा प्रजापत,बदामी प्रजापत,भूरी प्रजापत,गवरी प्रजापत, लीला राजपुरोहित, बबीता राजपुरोहित, गीता, गीता प्रजापत ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



