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“काम या गांव? पति-पत्नी की जिद की कीमत: पत्नी की मौत, पति को आजीवन कारावास, परिवार बिखरा” पढ़ें – पति-पत्नी की जिद की कहानी

पति-पत्नी के गांव लौटने के विवाद ने ली जान, सुसनेर न्यायालय ने सुनाया पत्नी की हत्या पर आजीवन कारावास

जनमत जागरण @ सुसनेर:: सुसनेर के माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री पंकज कुमार वर्मा ने पत्नी की हत्या के मामले में अभियुक्त नितिन पिता शंकर भावने (45 वर्ष, निवासी अमरावती, महाराष्ट्र) को आजीवन कारावास और ₹2000 के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

▪️घटना का विवरण :: यह मामला 18 फरवरी 2023 का है, जब सुसनेर स्थित सुभाषचंद जुनेजा के वेयरहाउस पर मजदूरी कर रहे नितिन और उसकी पत्नी रेशमाबाई के बीच विवाद हुआ। विवाद इस बात पर था कि रेशमा वहीं काम जारी रखना चाहती थी, जबकि नितिन उसे गांव महाराष्ट्र लौटने को कह रहा था। आक्रोश में आकर नितिन ने लोहे के पंजे से अपनी पत्नी के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रकरण की विवेचना और अदालती कार्रवाई हत्या के इस मामले में थाना सुसनेर ने अपराध क्रमांक 44/23 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में प्रकरण दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की।

विवेचना अधिकारी: तत्कालीन उप निरीक्षक संजय सिंह राजपूत और निरीक्षक विजय सागरिया ने जांच की। शासकीय अधिवक्ता मुकेश जैन चौधरी ने अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस तर्क प्रस्तुत किए, जिनसे सहमत होते हुए न्यायालय ने यह कड़ा फैसला सुनाया।▪️महत्वपूर्ण सहयोग : इस प्रकरण में कोर्ट मोहर्रिर आशीष सोनी, थाना मुंशी रामेश्वर यादव, सहायक ग्रेड-03 कृष्णकांत अग्रवाल का सराहनीय योगदान रहा।

शासकीय अधिवक्ता का वक्तव्य :: शासकीय अधिवक्ता मुकेश जैन चौधरी ने कहा, “इस फैसले से समाज में यह संदेश जाएगा कि कानून के प्रति लापरवाही और हिंसा का कोई स्थान नहीं है।”यह फैसला समाज के लिए एक उदाहरण है कि घरेलू हिंसा और हत्या जैसे अपराधों पर कठोर दंड सुनिश्चित है। न्यायपालिका द्वारा दिया गया यह निर्णय न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि समाज को हिंसा मुक्त बनाने की प्रेरणा भी है।

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