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“विवेकानंद की शिक्षा और गोपालानंद का आह्वान: सनातन की जड़ों को बचाने का समय “गोरक्षा का पहला कदम: अपने जीवन में गोमाता को अपनाएं”


▪️ “क्या गोहत्या केवल छुरी चलाने तक सीमित है? स्वामी गोपालानंद का संदेश”
▪️”विवेकानंद का युवा संदेश और गोरक्षा की शिक्षा: आज का सन्दर्भ”

जनमत जागरण @ सुसनेर। आज अंतराष्ट्रीय युवा
दिवस है यानि आज ही के दिन नरेन्द्र नाथ दत्त जो बाद में विवेकानंद कहलाएं उन्होंने अपना जीवन एक दिव्य चेतना से भरकर वेदान्त के माध्यम से जीव ब्रह्म की एकता के तत्व को संसार के सामने रखकर विश्व को जगतगुरू की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया और स्वामीजी ने युवाओं के लिए एक ही बात कहकर गए कि ,उठो ! जागो । अर्थात पहले उठो फिर जागो। यानि यहां पर सोय हुए को उठाने की बात न कहकर उठे हुए को जगाने का संदेश उन्होंने दिया है कि अपने आलस्य,प्रमाद, विकारों , कामवासनाओं , ममता मोह की नींद से उठने की बात कहकर यह कहां कि जागो,उठो और तब तक रुकना मत जब तक अपने लक्ष्य को अर्जित नहीं कर ले लेकिन आज हम अपने लक्ष्य से भटक गए है क्योंकि सनातन की आधार भगवती गोमाता आज दर दर की ठोकरें खाकर ठंड एवं भूख से अपना प्राण त्याग रही है । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 279 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कही।
⏩ स्वामीजी ने आगे कहां कि केवल मात्र गो हत्या का कलंक मिट जाने से बात नहीं बनेगी बल्कि गोमाता को आदरयुक्त स्थान भी तो मिलना चाहिए क्योंकि गोमाता दर दर की ठोकरें खाकर भूख प्यास,ठंड से अपने प्राण त्याग रही है ये भी तो गो हत्या ही तो है अर्थात सवा अरब के हिंदुओं के हिंदुस्तान में 8 से 9 करोड़ गोमाता ठंड,भूख के कारण अपना प्राण त्याग रहीं है तो हिंदुस्तान में रहने वाले सभी हत्यारे ही तो हुए क्योंकि हमने हमारे कर्तव्य को नहीं निभाया , छुरी चलाना ही गौहत्या नहीं व्यवस्था न करना भी तो गोहत्या ही है ,हम अपने घर में गोमाता न रखकर गौहत्या को ही तो बढ़ावा दे रहें है,हमारा दायित्व पूरा न करके हम गौहत्या ही तो कर रहें है इसलिए इससे बचने के लिए गोरक्षा का सबसे पहला सूत्र अपने जीवन में गो को अपनाना फिर अपनों के जीवन में गो को अपनाना तभी हम सनातन की मूल आधार भगवती गोमाता की हत्या के पाप से मुक्त हो सकते है ।

⏩ विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर्व पर गौमाताओं को तिल गुड से निर्मित मीठा भंडारे का भोग लगाया जाएगा साथ ही गोकृपा कथा में पधारे सभी गो प्रेमियों को गोआधारित कृषि से उत्पादित तिल का लड्डू प्रसाद दिया जाएगा ।

⏩ ग्वाल शक्ति सेना में 5 हजार पूर्ण गोव्रती कार्यकर्ताओं की श्रृंखला में श्री संजय गुप्ता को झारखंड का राज्य प्रभारी , विक्रम सिंह हरियाणा के कैथल जिले की गुहला एवं कल्याण सिंह राजपुरोहित चूल्हे एरिया शहर प्रभारी चेन्नई की नियुक्ति की उद्घोषणा हुई ।

⏩ 279 वें दिवस पर गुजरात के सोनगढ़ से दिनेश पाटिल,सुसनेर के पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह के भाभीसा श्रीमती तरुणा ,श्रीमती पुष्पेश्वरी , विश्व हिन्दू परिषद बकानी के प्रखंड संयोजक जगन्नाथ रुहेला, पटेल प्रभु लाल रुहेला पनवाड़ी(जीरापुर) अतिथि उपस्थिiत रहें ।

279 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 279 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले की पचपहाड़ तहसील के गुराडिया जोगा, कोटा जिले की रामगंजमंडी के कुमकोट ग्राम मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के काशीखेड़ी से नरवर सिंह के परिवार एवं आगर जिले की सुसनेर तहसील के परसूल्या ग्राम एवं सेमलखेड़ी ग्राम के समस्त ग्राम वासियों की ओर से सरपंच शिव कारपेंटर,धारासिंह राजपूत,जुगल किशोर पाटीदार, मनोहर सिंह राजपूत एवं छीतर लाल पटेल अपने ग्राम के सैकड़ों युवा,मातृशक्ति के साथ अपने ग्राम की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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