आगर जिले के आसमान में दिखा सूर्य का रहस्यमयी घेरा!
पढ़ें इस अनोखी घटना की पूरी रिपोर्ट, क्या है इसका रहस्य और क्या होने वाला है मौसम में बड़ा परिवर्तन?

आगर-मालवा-सुसनेर-सोयतकलां । पिछले दो दिनों से आगर, सुसनेर और सोयतकलां क्षेत्र में तेज आंधी, तूफान और बारिश का दौर जारी है। इसी बीच रविवार को आसमान में एक ऐसा अद्भुत दृश्य दिखाई दिया जिसने लोगों को हैरान कर दिया। सूर्य के चारों ओर एक विशाल गोलाकार प्रकाश चक्र दिखाई दिया, जिसे देखकर लोगों के मन में अनेक सवाल उठने लगे। क्या यह किसी बड़े मौसम परिवर्तन का संकेत है? क्या आने वाले दिनों में मौसम और अधिक करवट लेने वाला है? आखिर इस रहस्यमयी घेरे का वैज्ञानिक रहस्य क्या है?
स्थानीय नागरिकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। देखते ही देखते इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। कई लोगों ने इसे प्रकृति का अद्भुत चमत्कार बताया तो कुछ ने इसे आगामी मौसम परिवर्तन से जोड़कर देखा।
विशेषज्ञों के अनुसार सूर्य के चारों ओर दिखाई देने वाले इस गोलाकार प्रकाश चक्र को सौर प्रभामंडल (Solar Halo) कहा जाता है। यह तब बनता है जब वायुमंडल की ऊंची परतों में मौजूद बर्फ के सूक्ष्म क्रिस्टलों से होकर सूर्य का प्रकाश गुजरता है। प्रकाश के अपवर्तन से सूर्य के चारों ओर लगभग पूर्ण वृत्ताकार घेरा बन जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि ऐसे प्रभामंडल अक्सर तब दिखाई देते हैं जब वातावरण में ऊंचाई पर नमी बढ़ रही हो और मौसम तंत्र सक्रिय हो। आगर जिले में पिछले दो दिनों से चल रहे तूफान और बारिश के बीच इस घटना का दिखाई देना मौसम में जारी बदलाव की ओर संकेत माना जा रहा है। हालांकि वैज्ञानिक इसे सीधे तौर पर किसी विशेष प्राकृतिक घटना की भविष्यवाणी नहीं मानते, लेकिन यह निश्चित रूप से वातावरण में हो रहे परिवर्तनों का संकेतक माना जाता है।
ग्रामीण अंचलों में वर्षों से यह मान्यता रही है कि सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर घेरा बनने पर मौसम बदलता है। किसानों के बीच आज भी यह कहावत प्रचलित है— “सूरज या चांद के चारों ओर घेरा, मौसम बदलेगा घनेरा।”
फिलहाल आगर-मालवा जिले में दिखाई दिया यह दुर्लभ सौर प्रभामंडल प्रकृति और विज्ञान दोनों के दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बना हुआ है। मौसम का बदला हुआ मिजाज और आसमान में दिखा यह अद्भुत दृश्य लोगों के लिए कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।



