“गोसेवा से सीएम बनीं रेखा गुप्ता—क्या यह ईश्वरीय संकेत है?” “बेटियां अब नर्म चांदनी नहीं, प्रखर अग्नि बनेंगी!” – साध्वी आराधना जी का संदेश

“क्या बेटियां अब सिर्फ चांद का टुकड़ा रहेंगी या सूरज की लौ बनेंगी?”
जनमत जागरण DHARMA@ सुसनेर
एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 331वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने कहा कि गौसेवा ही सच्ची भगवान सेवा है। इसका प्रभाव भी दिख रहा है, और हाल ही में दिल्ली की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने भी अपने वक्तव्य में स्वीकार किया कि उन्होंने जनसेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया था, लेकिन भगवती गोमाता की कृपा से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का दायित्व मिला। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि अब दिल्ली में एक भी गोमाता निराश्रित नहीं रहेगी और इसके लिए वे पूर्ण निष्ठा से कार्य करेंगी।
स्त्रियों को शक्ति का प्रतीक बनाना जरूरी—स्वामीजी
इस अवसर पर स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने आंबादेह (बड़ौद) से पधारे रघुनाथ सिंह जी आर्य का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि आर्य साहब ने अपने विवाह में आई माता-बहनों को तलवार भेंट कर इतिहास रचा। स्वामीजी ने समाज से आग्रह किया कि ऐसे उपहार हमारी माताओं-बहनों को आत्मरक्षा के लिए दिए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी निवेदन किया कि जिन माताओं-बहनों को तलवार भेंट की गई है, उन्हें 2 से 10 अप्रैल 2025 तक होने वाले विश्व के प्रथम गो-अभयारण्य में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में भेजा जाए।
“बेटियों को चांद का टुकड़ा नहीं, सूरज की अग्नि बनाओ” – साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती
दाना देवी फाउंडेशन की प्रमुख साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती ने महिलाओं की शक्ति और गोसेवा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की संकीर्ण सोच ने माताओं को कमजोर मान लिया है, लेकिन माताएं कोमल हो सकती हैं, कमजोर नहीं। उन्होंने बताया कि इतिहास में भी महिलाओं ने धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान दिए हैं।
कुछ ऐतिहासिक उदाहरण:
✔ करुणा देवी ने अकबर के मीना बाजार में उसका हाथ झटककर कटारी गले पर रख दी और कहा—”माँ कहकर पुकारोगे तो छोड़ूंगी!”
✔ पन्ना धाय ने अपने बेटे का बलिदान देकर उदय सिंह की रक्षा की, ताकि मेवाड़ की विरासत बची रहे।
✔ माँ अहिल्या को छल का दंड भुगतना पड़ा, लेकिन उनका सम्मान श्रीराम ने पुनः स्थापित किया।
“अब माताओं को आगे आना होगा—गोरक्षा, धर्मरक्षा और राष्ट्ररक्षा के लिए”
साध्वी जी ने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है कि माताएं अपनी बेटियों को “चांद का टुकड़ा” नहीं, बल्कि सूरज की ज्वाला बनाएं, ताकि कोई उनकी तरफ आंख उठाकर भी न देख सके। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिदिन 80 हजार से अधिक गोवंश कसाइयों के चंगुल में फंसकर कट रहे हैं, इसलिए श्री गोपाल परिवार संघ ने “धेनु शक्ति संघ” का गठन किया है। इसमें अब तक 5,000 से अधिक व्यसन मुक्त गोव्रती माताएं जुड़ चुकी हैं, जो आगे देशभर में 1 करोड़ माताओं को गोसेवा और गोरक्षा के लिए प्रेरित करेंगी।
विशिष्ट अतिथियों का सम्मान
331वें दिवस के इस आयोजन में भारतीय किसान संघ चित्तौड़ प्रांत के संगठन मंत्री परमानंद जी भाईसाहब, झालावाड़ जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर और दैनिक आगाज ए चंदन समाचार पत्र के संवाददाता मनीष जी राठौर को उपरना एवं गोमाता की छवि भेंटकर सम्मानित किया गया।

⏩ 331 वे दिवस पर चुनरी यात्रा भारतीय किसान संघ एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से ::एक वर्षीय गोकृपा कथा के 331 वें दिवस पर चुनरी यात्रा भारतीय किसान संघ चित्तौड़ प्रान्त के संगठन मंत्री परमानंद जी एवं झालावाड़ जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुर्जर एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के उड़नखेड़ी से श्रीमती गीता बाई एवं सेठ श्रीनाथ जी अग्रवाल के परिवार व रामचंद्र पुष्पक,सर्जन सिंह पटेल एवं भोला आदि ने सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



