“सोयतकलां स्वास्थ्य केंद्र: पांच दशकों से प्राथमिक, अनगिनत बैठकें… सिर्फ एक डॉक्टर और सीमित सुविधाएं! , कब जागेंगे नेता-प्रशासन ?” क्या इस बार मिलेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हक?” पढ़ें- “विश्लेषणात्मक रिपोर्ट”

जानिए: पांच दशक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने की मांग फिर रह जाएगी अधूरी?
जनमत जागरण @ सोयतकलां। नगर में जन आरोग्य समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें पिछले पांच दशकों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्यरत इस अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मांग दोहराई गई। जनसंख्या के हिसाब से यह क्षेत्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पात्रता रखता है, लेकिन नेताओं की उदासीनता और प्रशासन की लापरवाही के चलते आज भी यहां के लोग सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के सहारे इलाज कराने को मजबूर हैं।

डॉक्टर की समस्या: 50 सालों में बदलाव नहीं, जो आए वो भी चले गए!
वर्तमान में 150-200 मरीजों की ओपीडी रोज़ होती है, लेकिन यहां मात्र एक डॉक्टर तैनात है। पिछले साल दो नए डॉक्टरों की पोस्टिंग हुई थी, लेकिन वे कुछ ही दिनों में ट्रेनिंग के लिए चले गए और अब तक वापस नहीं लौटे। इस वजह से मरीजों को घंटों इंतज़ार करना पड़ता है।

इस मुद्दे पर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजपाल सिंह सिसोदिया, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि पुष्कर राज सिंह जादौन, पार्षद प्रतिनिधि गिरिराज गुप्ता, समिति सदस्य गोविंद सिंह झाला और मनीष जैन ने सीएमएचओ राजेश गुप्ता से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि बॉन्ड पर नियुक्त होने वाले नए डॉक्टरों में से 1-2 डॉक्टर सोयतकलां भेजे जाएंगे।
बड़ी दुर्घटनाओं में झालावाड़ मेडिकल कॉलेज ही बनता है सहारा
सोयतकलां क्षेत्र के लोगों की किस्मत अच्छी है कि 50 किलोमीटर दूर झालावाड़ (राजस्थान) में मेडिकल कॉलेज स्थित है, जहां गंभीर मरीजों को रेफर किया जा सकता है। कई बार दुर्घटनाओं में घायल मरीजों या गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को वहीं ले जाया जाता है, अन्यथा यहां पर इलाज के अभाव में पहले भी कई लोग दम तोड़ चुके हैं।
जिला चिकित्सा अधिकारी का बयान: जल्द होगी डॉक्टरों की पोस्टिंग
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश गुप्ता ने ‘जनमत जागरण’ को बताया कि अप्रैल में पीएससी परीक्षा होने वाली है और नए डॉक्टरों की पोस्टिंग जल्द होगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जब तक नई पोस्टिंग नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
क्या सोयतकलां को मिलेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा?
जब ‘जनमत जागरण’ द्वारा सोयतकलां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने के संबंध में सवाल किया गया, तो जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।

बैठकों में आश्वासन, लेकिन धरातल पर बदलाव कब?
✅ पांच दशक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा नहीं!
✅ डॉक्टरों की भारी कमी, जो आए वे भी कुछ दिन में चले गए!
✅ सीबीसी जांच मशीन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव!
✅ अस्पताल की बाउंड्री, ट्यूबवेल और आवश्यक फर्नीचर तक नहीं!
समाज और प्रशासन से सवाल:
1️⃣ क्या हर बार केवल बैठक करने से समस्या हल हो जाएगी?
2️⃣ डॉक्टरों की कमी कब पूरी होगी, और क्या यह सिर्फ वादा बनकर रह जाएगा?
3️⃣ क्या शासन सच में सोयतकलां के स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करेगा, या यह मांग फिर अधूरी रह जाएगी?
पिछले पांच दशकों में नेताओं और प्रशासन की उपेक्षा ने सोयतकलां को सिर्फ आश्वासनों के सहारे छोड़ दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी केवल प्रस्ताव भेजने की बात होगी, या जनता को वास्तव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सौगात मिलेगी?
👉 अब देखना यह होगा कि इस बार स्वास्थ्य विभाग सिर्फ आश्वासन देता है या वाकई में ठोस कदम उठाता है!


