क्या गौसेवा ही सनातन को एक सूत्र में बांध सकती है? गाय से दूर होते सनातनी, बढ़ते दुष्प्रभाव – “संभाजी महाराज से प्रेरणा लेने की स्वामीजी ने की अपील”

क्या गौसेवा ही सनातन को एक सूत्र में बांध सकती है?
जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के तहत मालवा स्थित श्री कामधेनु गो अभयारण्य में एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 337वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने कहा कि “गौमाता की सेवा कोई साधारण विषय नहीं है, यह भगवान की परम कृपा से संभव होती है।”
गाय से दूर होते सनातनी, बढ़ते दुष्प्रभाव
स्वामीजी ने कहा कि वर्तमान समय में सनातनी गाय से दूर होते जा रहे हैं, जिसके दुष्प्रभाव स्पष्ट दिख रहे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने भोपाल में कुछ व्यापारियों को नोटिस देकर की गई कार्रवाई की तुलना कश्मीर की स्थिति से की। उन्होंने महाराष्ट्र में गौसेविका साध्वी गायत्री देवी की पिटाई का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि जब सनातन विचारधारा की सरकार वाले राज्यों में ऐसा हो सकता है, तो केरल, बंगाल और अन्य राज्यों की स्थिति क्या होगी?
संभाजी महाराज से प्रेरणा लेने की अपील
स्वामीजी ने कहा कि “सनातनियों को सजग और सतर्क रहने की जरूरत है।” उन्होंने आह्वान किया कि संभाजी महाराज से प्रेरणा लेकर विधर्मियों को कुचलना होगा। उन्होंने कहा कि जब औरंगजेब ने धोखे से संभाजी महाराज की हत्या करवाई थी, तब मराठा स्त्रियों ने अपने पतियों से कहा था कि “या तो हमारी चूड़ियां पहन लो, या फिर शस्त्र उठाकर मुगलों से संघर्ष करो।” इसी जोश से वीर मराठाओं ने औरंगजेब की सेना को खदेड़ दिया था।
गौमाता को घर-घर विराजित करने का संकल्प
स्वामीजी ने कहा कि गाय ही सनातन को एक सूत्र में बांध सकती है। इसके लिए सभी संत, कथा प्रवक्ता और पंडितों को यह संकल्प लेना होगा कि “जिस घर में गाय हो या जो परिवार गौशाला में सेवा करता हो, वहीं धार्मिक कर्मकांड होंगे। अन्यथा, ऐसे परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में हमें कलमा या बाइबिल पढ़ना ैपड़ेगा।
गौमाता के लिए धारा देवी फाउंडेशन की पहल
गोपाल परिवार संघ द्वारा स्थापित धारा देवी फाउंडेशन के प्रमुख कृष्ण किरण जी महाराज ने बताया कि यह फाउंडेशन गौमाता की पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत है। जिन गौशालाओं में जल की कमी है, वहां धारा देवी फाउंडेशन के माध्यम से जल आपूर्ति की जाएगी।

337वें दिवस पर विशेष कार्यक्रम
➡ सुसनेर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मुकेश तिवारी ने भगवती गौमाता की पूजा कर स्वामीजी से आशीर्वाद लिया।
➡ शासकीय नेहरू कॉलेज आगर के बीएससी विद्यार्थियों ने गो अभयारण्य का भ्रमण किया और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की।
➡ राजस्थान और मध्यप्रदेश से चुनरी यात्रा पहुंची, जहां शाहपुरा तहसील (भीलवाड़ा) एवं आगर-मालवा जिले के लटू गहलोत गांव से श्रद्धालु पहुंचे और गौमाता को चुनरी अर्पित की।


