क्या 25 मार्च को गो-अभयारण्य में होगा कोई बड़ा फैसला? जानिए पूरी तैयारी!

क्या 343वें दिवस पर गो आराधना महोत्सव में हुआ कुछ खास? जानिए पूरी खबर
सुसनेर @ जनमत जागरण। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 343वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और समसामयिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा जीवन अनमोल और दिव्य है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, भारत की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, और 1967 में भारत-चीन युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले ब्रिगेडियर रायसिंह यादव का स्मरण किया।
शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपनाने का संदेश
स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने बताया कि शिवाजी महाराज ने छोटी उम्र में ही गोमाता की रक्षा के लिए एक कसाई के हाथ काट दिए थे। हमें भी अपनी संतानों को जीजाबाई की तरह संस्कारित करना चाहिए ताकि वे राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और गोसेवा के लिए समर्पित हों। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन को राष्ट्र और गौ माता के लिए समर्पित करना चाहिए।
धेनु शक्ति संघ की विशेष जानकारी
गोपाल परिवार संघ की 12 फाउंडेशनों में से एक धेनु शक्ति संघ के बारे में कुमारी धेनु प्रिया ने कहा कि गौ सेवा तन-मन-धन से करनी चाहिए। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें भी प्रण लेना चाहिए कि प्राण चले जाएं, मगर गौ माता किसी तस्कर के हाथ न जाए।
मुख्यमंत्री के जन्मदिवस की तैयारी में जुटा प्रशासन
आगामी 25 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में विशेष आयोजन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर नंदा भलावे, सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव, तहसीलदार विजय सेनानी, और डॉ. आर. सी. पंवार सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
चुनरी यात्रा और महाप्रसाद का आयोजन
343वें दिवस पर राजस्थान के चारभुजानाथ (गड़बोर, राजसमंद) से लाल सिंह अंटालिया के परिवार द्वारा भगवती गौ माता के लिए चुनरी यात्रा निकाली गई। कथा मंच पर भगवती गौ माता को चुनरी ओढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई। स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लेने के बाद गौ पूजन, यज्ञशाला परिक्रमा और गोशाला सेवा का आयोजन हुआ। अंत में सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।
विशेष अतिथि रहे उपस्थित
इस अवसर पर नलखेड़ा बगलामुखी धाम से पूज्य परमहंस कृष्ण जी महाराज, पं. गोपाल कृष्ण महाराज (परसोली), पं. लक्ष्मीनारायण उपाध्याय (गरोड़ा, मंदसौर), जगदीश मीणा (देवली, अकलेरा), ओडिशा से सुमन कुमार दास, यूपी इटावा से श्याम सिंह तोमर, हरियाणा से राममूर्ति और संजय जाखड़ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।



