“जानिए, शैलेंद्र तोमर परिवार ने क्यों किया भूखंड दान?” “गोसेवा के संकल्प की सिद्धि – गौशाला समिति ने किया खुलासा!”

जनमत जागरण @ सोयतकलां। नगर में आज एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी स्व. रोडमल तोमर के पुत्र श्री शैलेंद्र तोमर और उनके परिवार ने श्री गोवर्धन गोशाला के लिए अपना निजी भूखंड दान कर दिया। यह संकल्प उन्होंने संत श्री आराधना दीदी की कथा और भागवत कथाकार श्री राधेश्याम दुबे की कथा के दौरान लिया था, जिसे आज पूरे परिवार के साथ निभाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की।
संकल्प से सेवा तक: गौमाता के लिए समर्पित भूमि
श्री शैलेंद्र तोमर ने बताया कि इस भूखंड को विक्रय कर संपूर्ण राशि गोशाला में भूसा भंडार निर्माण, गो ग्रास, और गौवंश की देखरेख में खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा,
“यह केवल भूमि का दान नहीं, बल्कि हमारे परिवार की ओर से गौसेवा का एक प्रयास है, जो भविष्य में अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।”
गोशाला समिति के अध्यक्ष राजेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पालीवाल ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए बताया कि श्री गोवर्धन गोशाला वर्ष 2007 से संचालित हो रही है। यहां 10 किलोमीटर तक के क्षेत्र से घायल और बीमार गोवंश को लाकर उनकी देखभाल की जाती है।
गौशाला में हुआ सम्मान और विधिवत संकल्प पूर्ति

श्री तोमर परिवार के इस अद्भुत गोसेवा संकल्प को सम्मानित करते हुए समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल भेंट कर एवं साफा पहनाकर अभिनंदन किया। संकल्प पूर्ति की विधि गौमाता का पूजन कर पूर्ण की गई। इस दौरान गोशाला समिति के धुरीलाल दांगी, कमल गुप्ता, राकेश गुप्ता, पवन गुप्ता, मुरलीधर शर्मा, संजय पालीवाल, नरेंद्र भावसार और गोपाल कुशवाह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
तोमर परिवार का जीव दया में बड़ा योगदान : घायल बंदरों की सेवा
श्री शैलेंद्र तोमर और उनका परिवार न केवल गौसेवा बल्कि जीवदया के अन्य कार्यों में भी सक्रिय है। तोमर परिवार अचानक दुर्घटनाग्रस्त बंदरों का उपचार कराता है और उनकी विधि-विधान से अंत्येष्टि भी करवाता है।
समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत
श्री शैलेंद्र तोमर और उनका परिवार सेवा, समर्पण और जीवदया का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उनका यह कदम समाज के अन्य नागरिकों को भी प्रेरित करेगा कि वे गौसेवा, पर्यावरण और जीव सेवा में योगदान दें।
➡️ क्या हम भी इस प्रेरणा से कुछ सीख सकते हैं और अपने स्तर पर कोई सेवा संकल्प ले सकते हैं?
क्या आप भी गोसेवा के लिए संकल्प लेंगे?
श्री शैलेंद्र तोमर और उनके परिवार ने गोसेवा के लिए अपना निजी भूखंड दान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने न केवल गौमाता के संरक्षण के लिए योगदान दिया, बल्कि समाज में जीवदया और सेवा की अलख भी जगाई।
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