♻️ “हरित संगम: आपके छोटे प्रयास से बचेगा पर्यावरण! 🌍 मुख्य वक्ता का बड़ा संदेश—”सोच बदलें, धरती बचेगी!”

📍 जनमत जागरण @ नलखेड़ा। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, जिला आगर के अंतर्गत “हरित संगम” का भव्य आयोजन सोमवार को नगर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के योद्धाओं और जागरूक नागरिकों की भागीदारी ने इसे एक ऐतिहासिक स्वरूप दिया।
🛑 कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री किरण कुमार देशमुख ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्री पंकज जी झाला (विभाग संयोजक), श्री दिनेश जी कुंभकार (जिला संयोजक) और श्री पवन चतुर्वेदी (जिला सहसंयोजक) उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अंकित जी गजकेश्वर (मालवा प्रांत पर्यावरण सहसंयोजक) ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से जनमानस को झकझोर दिया।

🌱 “हमारी सोच बदलनी होगी, तभी बचेगा पर्यावरण!”
🗣️ अपने प्रभावशाली उद्बोधन में श्री अंकित गजकेश्वर ने कहा,
“अगर हम पर्यावरण को बचाना चाहते हैं, तो हमें अपनी सोच बदलनी होगी—’Think Globally but Act Locally’ (वैश्विक सोचें, स्थानीय रूप से कार्य करें)। यह सिर्फ सरकार का काम नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जल, जंगल और जमीन का पोषण और संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
🌊 उन्होंने समाज से यह आग्रह किया कि हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी अपने घर से ही शुरू करनी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आज भी कई ऐसे नागरिक हैं जो निस्वार्थ भाव से पर्यावरण बचाने में जुटे हैं, जरूरत है कि हम भी इस दिशा में कदम बढ़ाएं।

🌿 “पेड़ लगाने से ज्यादा जरूरी है पेड़ों को बचाना!”
🌳 हरित संगम में जिले और नगर के पर्यावरण प्रेमियों ने अपने-अपने संरक्षण प्रयासों की प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। मातृशक्ति की विशेष भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि पर्यावरण बचाने की यह मुहिम अब केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ग इसमें सक्रिय हो चुका है।
🚰 वक्ता ने पेड़ लगाने के साथ-साथ पेड़ों को बचाने और उनके सही पोषण पर जोर दिया। उन्होंने कहा,
“अगर हम सिर्फ पेड़ लगाते रहेंगे और उनकी देखभाल नहीं करेंगे, तो पर्यावरण संरक्षण अधूरा रह जाएगा। हमें पेड़ों को संरक्षित करने के साथ जल संचयन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी काम करना होगा।”
🌎 “क्या हर घर से निकलेगा एक पर्यावरण प्रहरी?”
💡 इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य हर नागरिक को पर्यावरण प्रहरी बनाना था। वक्ताओं ने समाज से प्लास्टिक का त्याग करने, जल संरक्षण अपनाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
🔍 “अब सवाल यह है—क्या हम सिर्फ सुनेंगे या सच में कदम बढ़ाएंगे?”
📢 हरित संगम एक संदेश देकर गया है—“बदलाव घर से शुरू होता है!” अब यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाए।
🚀 तो क्या आप तैयार हैं अपने घर से एक छोटा लेकिन बड़ा बदलाव लाने के लिए? 🌿♻️



