“गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए मोदी सरकार लाए बिल – स्वामी गोपालानंद सरस्वती”

गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए वक्फ बिल की तर्ज पर कानून लाए मोदी सरकार – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा में चल रहे एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के उपसंहार उत्सव के पंचम दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने गोसेवा और सनातन संस्कृति की रक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जीवन से गोमाता को निकाला गया, वैसे-वैसे जीवन में विकार बढ़ते गए। स्वामीजी ने बताया कि गोसेवा के बिना जीवन में पवित्रता और शांति नहीं आ सकती।
उन्होंने कहा, “गाय हमारी माता है, सुख और समृद्धि का आधार है। सनातनी परिवारों को अपने घर में कम से कम एक गाय की सेवा करनी चाहिए।” स्वामीजी ने भगवान को पाने के तीन मार्ग – ज्ञान, भक्ति और सेवा के बारे में बताते हुए कहा कि गोसेवा से ही सच्चा मोक्ष संभव है। उन्होंने पंचगव्य के महत्व पर जोर दिया और सनातनियों से गोव्रती बनने का आह्वान किया।
मोदी सरकार से किया विशेष आग्रह
स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वक्फ बोर्ड की तरह गोचर भूमि की रक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, तो कम से कम चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बिल लाया जाए। उन्होंने कहा, “देशभर में चार करोड़ गोवंश दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। अगर सरकार ठोस कदम उठाए, तो गोवंश की यह दुर्दशा रोकी जा सकती है।”
उत्सव में कई प्रशिक्षण शिविर और चुनरी यात्रा का आयोजन
गो अभयारण्य में ग्वाल प्रशिक्षण शिविर, पंचगव्य उत्पाद शिविर और बहनों के लिए आत्मरक्षा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी 09 से 11 अप्रैल तक गो आधारित कृषि प्रशिक्षण वर्ग भी होगा



