✦ छोटी गौशाला से आई बड़ी श्रद्धा की चुनर यात्रा ✦ सोयतकलां से अभयारण्य तक प्रेम और भक्ति का अनुपम संगम

गोवर्धन गोशाला समिति सोयतकलां की चुनर यात्रा पहुंची गो अभयारण्य – महिला मंडल ने गोमाता को ओढ़ाई चुनर
जनमत जागरण @सोयतकलां। कभी-कभी छोटी जगहों से उठने वाली आस्था की लहरें बहुत बड़ी जगहों तक पहुंच जाती हैं—आज का दिन इसका सजीव उदाहरण बन गया जब नगर की छोटी सी लेकिन सेवाभावी गोवर्धन गोशाला समिति की ओर से भावनाओं से ओतप्रोत चुनर यात्रा विश्व के सबसे बड़े गो-अभयारण्य में पहुंची। इस चुनर यात्रा ने यह साबित कर दिया कि सेवा का आकार नहीं, भावना का विस्तार महत्वपूर्ण होता है।
⮞ गोवर्धन गोशाला समिति द्वारा आज 7 अप्रैल को एक विशेष श्रद्धा-यात्रा निकाली गई, जिसमें नगर की महिलाएं और समिति के सदस्य विश्व के सबसे बड़े श्री कामधेनु गो अभयारण्य (मालवा) में पहुंचकर भगवती गोमाता को चुनर अर्पित करने के लिए रवाना हुए।
⮞ इस अद्भुत दृश्य में जब छोटी गौशाला के सेवक बड़ी गौशाला (गो अभयारण्य) की सेवा में चुनरी लेकर पहुंचे, तो वह क्षण श्रद्धा, सेवा और भावनात्मक समर्पण से सराबोर था।
⮞ वर्तमान में लगभग 6500 गोवंश को समर्पित यह पवित्र भूमि श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित है, जहाँ एक वर्ष से स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज की गोकृपा कथा निरंतर चल रही है।

✦ चुनरी के रंग में रंगी श्रद्धा ✦
⮞ इस विशेष दिन नगर की महिला मंडल एवं समिति के सदस्य भजनों की मधुर धुन और मंगल कलशों के साथ पहुंचकर कथा मंच पर विराजित गोमाता को चुनर ओढ़ाई, पूजन किया और स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
✦ इस पावन अवसर पर उपस्थित रहे ✦
➤ श्री गोवर्धन गोशाला समिति अध्यक्ष – राजेश गुप्ता
➤ कोषाध्यक्ष – ओमप्रकाश पालीवाल
➤ सचिव – मनीष जैन
➤ सदस्यगण – राजेश शर्मा, अनिल भावसार, घनश्याम गुप्ता
➤ वरिष्ठ पत्रकार – राजेश कुमरावत ‘सार्थक’
➤ नगर की श्रद्धालु बहनें – महिला मंडल
✦ यह यात्रा सिर्फ चुनर अर्पण नहीं थी, यह एक संदेश था – ‘छोटा होकर भी बड़ा योगदान दिया जा सकता है’।
✦ गोसेवा के प्रति यह समर्पण आने वाले समय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।



