सुसनेर में तिरंगा साइकिल यात्रा से गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर | पर्यावरण, स्वास्थ्य और पंच परिवर्तन का दिया संदेश

अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस पर निकली तिरंगा यात्रा | राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण और स्वास्थ्य का साझा संदेश
📜 : तिरंगे की छांव
साइकिल की हर एक चक्करी, जब तिरंगे की छांव में घूमती है, तो वह केवल गति नहीं रचती – वह एक विचार का प्रवाह बन जाती है। मंगलवार की सुबह सुसनेर की हवाओं में राष्ट्रभक्ति की गूंज थी, जब स्वयंसेवकों की टोली ने तिरंगा थामे नगर के मार्गों पर अपने संकल्पों की साइकिल चलाई। यह यात्रा सिर्फ पहियों की नहीं थी, यह पंच परिवर्तन के जागरण की, पर्यावरण संरक्षण की पुकार की, और स्वास्थ्य के प्रति चेतना की ध्वनि थी।
🔶 जनमत जागरण @ सुसनेर
संघ के शताब्दी शब्द ‘पंच परिवर्तन जागरण’ के अंतर्गत, अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस के अवसर पर प्रभात केशव शाखा, सुसनेर के स्वयंसेवकों द्वारा तिरंगा साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा की शुरुआत सराफा बाजार स्थित माहेश्वरी धर्मशाला से हुई और यह नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई अंबेडकर पार्क तक पहुँची। यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाना रहा।
सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक हाथों में तिरंगा थामे, देशभक्ति के नारों के साथ नगर की सड़कों पर निकले। यात्रा के दौरान सिन्दूर की सफलता की गूंज और सैनिकों के जयघोषों ने माहौल को ओजस्विता से भर दिया।

साइकिल प्रेमियों का अभिनंदन और पंच परिवर्तन का संदेश :
अंबेडकर पार्क में आयोजित समापन समारोह में नगर के प्रमुख साइकिल प्रेमियों का पुष्पमाला से सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगरवासी भी उपस्थित रहे। यात्रा की सफलता स्वयंसेवकों की निष्ठा और सामूहिक ऊर्जा का प्रमाण बनी, जिसने नगर में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश छोड़ा।



