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ओंकारेश्वर में तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महोत्सव, स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने किया मार्गदर्शन

गोमाता की करुणा और चेतना से जागेगी गोसेवा की नई क्रांति

गोमाता केवल एक पशु नहीं, सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। व्यास पूर्णिमा के अवसर पर ओंकारेश्वर की पावन धरा पर जब हजारों गौभक्तों ने मां नर्मदा की साक्षी में “धेनु रक्षा” का संकल्प लिया, तब यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा – यह एक चेतना का जागरण बन गया। पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में आरंभ हुए इस महोत्सव ने भारत को गोसेवा के नए युग में प्रवेश कराने की घोषणा कर दी है।


📌 संक्षेप में पढ़ें

तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ
जनमत जागरण @ ओंकारेश्वर | आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी से व्यास पूर्णिमा तक चल रहे इस महोत्सव की शुरुआत भगवान ओंकारेश्वर महादेव, ममलेश्वर महादेव एवं मां नर्मदा की पावन सन्निधि में भगवती गोमाता के पूजन और गोकृपा कथा के साथ हुई।

31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा – “वर्ष 2025 से 2030 तक का समय गोसेवा और प्रभु प्राप्ति के लिए स्वर्णिम अवसर है। यदि दिन के 24 घंटे में से 4 घंटे भी पूरी आत्मीयता से गोसेवा में लगा दिए जाएं, तो वह सब कुछ प्राप्त होगा जिसकी हमें आकांक्षा है।”

गोपाल परिवार संघ ने 12 विशेष फाउंडेशन गठित कर देशभर में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया है। आगामी पांच वर्षों में 11 लाख गोवंश को सुरक्षित आश्रय, 1008 गो चिकित्सालय और 5000 गो वक्ताओं को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

महोत्सव के अंतिम दिन ग्वाल सेवा संघ एवं धेनु शक्ति संघ का प्रथम शिखर सम्मेलन आयोजित होगा।


📖 विस्तार से पढ़ें –

🌸 तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महामहोत्सव का ओंकारेश्वर से भव्य शुभारंभ
गोमाता की करुणा और चेतना से जागेगी गोसेवा की नई क्रांति

जनमत जागरण @ ओंकारेश्वर | 10 जुलाई –
भगवान ओंकारेश्वर महादेव एवं ममलेश्वर महादेव की पावन सन्निधि, मां नर्मदा जी की साक्षी और दिव्य वातावरण में गोपाल परिवार संघ के तत्वावधान में तीन दिवसीय धेनु रक्षा व्यास पूर्णिमा महामहोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता, ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के निर्देशन में आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी से प्रारंभ होकर व्यास पूर्णिमा तक चलेगा।

हजारों गौभक्तों एवं गोपाल परिवार संघ के सदस्यों की उपस्थिति में भगवती गोमाता का पूजन एवं गो कृपा कथा के साथ इस महाआयोजन का प्रथम दिवस आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित रहा।

“गौशरण ही प्रभुशरण है” – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
प्रथम दिवस की गोकृपा कथा में स्वामी गोपालानंद जी ने गहन भाव से कहा –
“हम सभी इस संसार में यात्री बनकर आए हैं, परंतु रास्ता भटककर भौतिकता में उलझ गए हैं। कन्हैया ने हमें धरती पर गोसेवा हेतु भेजा है। जीवन का प्रत्येक क्षण ऐसा हो कि संसार भी सुंदर लगे और संसार बनाने वाला भी।”

स्वामी जी ने आगे कहा – “संसार के किसी व्यक्ति से अपेक्षा करने पर केवल दुख ही प्राप्त होता है। वास्तविक सुख के लिए गोमाता की शरण में जाना आवश्यक है। यदि 24 घंटे में से 4 घंटे भी पूरी आत्मीयता से गोसेवा को समर्पित कर दें, तो वह सब कुछ मिल सकता है जिसकी आकांक्षा करते हैं। वर्ष 2025 से 2030 तक का समय भगवती गोमाता की कृपा और सेवा के लिए स्वर्णिम अवसर है। यह वह समय है जब लाखों गोमाताएं सड़कों पर हैं और हम उनके लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।”

महोत्सव के प्रथम दिवस रात्रि में भजन संध्या एवं श्री जीवन सूत्र पर 36वें दिवस का प्रवचन हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह के हृदय को और भी अधिक गोमाता भक्ति से भर दिया।

🌿 धेनु महिमा और गोसेवा की नई दिशा
द्वितीय दिवस पर ब्रह्ममुहूर्त में पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी राम ज्ञान तीर्थ जी महाराज की चरण पादुकाओं की शोभायात्रा के साथ शुरुआत हुई। स्वामी गोपालानंद जी ने “धेनु महिमा” पर प्रवचन देते हुए कहा कि गोपाल परिवार संघ द्वारा स्थापित 12 विशेष फाउंडेशन – जैसे धेनु फाउंडेशन, ग्वाल शक्ति संघ, धेनु शक्ति संघ, धेनु धारा फाउंडेशन आदि – देश में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत रहेंगे।

🚩 गोपाल परिवार संघ का संकल्प

  • भारत के 11 लाख गोवंश को 5 वर्षों में सुरक्षित आश्रय दिलाना।
  • देशभर में 1008 गो चिकित्सालय और 1008 गो संवर्धन केंद्रों की स्थापना।
  • 11 करोड़ गौभक्तों का समूह और 5000 गो वक्ताओं का निर्माण।
  • गोसेवा से जुड़ी संस्थाओं को विधिक और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराना।

यह समग्र अभियान भगवान ओंकारेश्वर एवं मां नर्मदा जी की पावन साक्षी में प्रारंभ हुआ है।

🌸 तृतीय दिवस पर शिखर सम्मेलन
महोत्सव के अंतिम दिन 11 जुलाई को प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक ग्वाल सेवा संघ एवं धेनु शक्ति संघ का प्रथम शिखर सम्मेलन आयोजित होगा जिसमें देशभर से हजारों युवा और मातृशक्ति शामिल होंगी और गोसेवा आंदोलन की आगामी रणनीतियों पर मंथन होगा।

🙏 विशेष सम्मान
महोत्सव में सनावद निवासी लक्ष्मीकांत राठी, बड़वाह निवासी प्रदीप अग्रवाल, ओंकारेश्वर निवासी कान्हा पुरोहित तथा भोजन यजमान पुष्करराज आइसक्रीम डूगला (चित्तौड़गढ़) एवं राज स्टोन कंपनी डाबी से युवराज राठौर के परिवार का गोपाल परिवार संघ द्वारा सम्मान किया गया।


📌 सार्थक दृष्टिकोण

व्यास पूर्णिमा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत में गो संरक्षण की नई लहर है। यह एक चेतावनी भी है कि यदि हम गोमाता को सड़कों पर मरता छोड़ देंगे तो संस्कृति भी विलुप्त हो जाएगी। स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी का संदेश सीधा और स्पष्ट है –
“जो गोशरण में है, वही प्रभुशरण में है।”


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