‘सार्थक’ दृष्टिकोण
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गणेश चतुर्थी: लोकमान्य तिलक का वह नवाचार जिसने उत्सव को आंदोलन बना दिया
गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक उत्सव का स्वरूप देने में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की ऐतिहासिक भूमिका रही। जानिए कैसे गणेशोत्सव…
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हनुमान अंश: 2 करोड़ की फिल्म ने कैसे जगाई सनातन चेतना? | राजेश कुमरावत ‘सार्थक’
‘हनुमान अंश’ ने छोटे बजट में बड़ी सफलता की कहानी लिखी। नीम करौली बाबा की जीवनगाथा, सनातन चेतना और सुनील…
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सुसनेर नगर सरकार का रण: वार्ड-4 की जंग अब अध्यक्ष की कुर्सी तक!
सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव 2026 में राजनीतिक मुकाबला रोचक होता जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों, पुराने प्रतिद्वंद्वियों…
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1997 से 2026 : छात्र आंदोलन से शिक्षा मंत्रालय तक, धर्मेंद्र प्रधान के निर्णय ने भारतीय लोकतंत्र को क्या संदेश दिया?
विशेष विश्लेषण – लेखक : राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ भारत में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि…
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TCS धर्मांतरण केस: जमानत आदेश में भगवान श्रीकृष्ण का उल्लेख, न्यायालय की टिप्पणी पर नया विमर्श
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जनमत विश्लेषण व्यवस्था का एक्स-रे: एक प्रदेश, दो अस्पताल—कहीं डॉक्टर बिना अस्पताल, कहीं अस्पताल बिना डॉक्टर।
मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का सबसे बड़ा विरोधाभास जनमत जागरण विश्लेषण व्यवस्था का एक्स-रे @ दीपक जैन सुसनेर “जब…
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रणवीर सिंह का “बॉयकॉट” या बदलते भारत से भय? लेखक राजेश कुमरावत ‘सार्थक’
लेखक : राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ भारत केवल एक राजनीतिक राष्ट्र नहीं, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत स्वरूप…
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विचार जो समाज को जागृत करें – समय से सवाल, समाज को दिशा : पढ़िए विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित विचारोत्तेजक लेख एवं समाचार ✍️ लेखक : राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ स्वतंत्र लेखक एवं वैचारिक चिंतक
विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित विचारोत्तेजक लेख एवं समाचार कटिंग्स 👇 डिग्रियों के जंगल में खोता कौशल…
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भोजशाला का निर्णय : केवल एक परिसर नहीं, सांस्कृतिक आत्मा की पुनर्प्रतिष्ठा ✍️ लेखक: राजेश कुमरावत ‘सार्थक’
🚩सदियों के संघर्ष के बाद धार की भोजशाला में गूंजा सांस्कृतिक न्याय का स्वर 🚩जहां कभी गूंजते थे संस्कृत के…
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हिंदुत्व की लहर या सत्ता की सुनामी—बंगाल ने क्या संदेश दिया? कमल की लहर में हिंदुत्व की धार, बंगाल ने बदला रुख- समसामयिकी विश्लेषण | राजेश कुमरावत ‘सार्थक’
▪️34 साल वाम और डेढ़ दशक तृणमूल के बाद भाजपा का तेज़ उभार, पहचान, सुरक्षा और योजनाओं का दिखा असर▪️लाल…
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