⚠️ ब्रेकिंग न्यूज़ : सुसनेर के गणेशपुरा में डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा बढ़ा — एम्स भोपाल रिपोर्ट में हुई पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

⚠️ ब्रेकिंग न्यूज़ : सुसनेर के गणेशपुरा में डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा बढ़ा — एम्स भोपाल रिपोर्ट में हुई पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
सुसनेर (जनमत जागरण)।
बरसात के बाद अब सुसनेर क्षेत्र में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक के ग्राम गणेशपुरा में तीन मरीजों में इन गंभीर बीमारियों की पुष्टि की है।
एम्स भोपाल से आई रिपोर्ट में एक महिला चिकनगुनिया से, जबकि एक युवक और एक बालिका डेंगू व चिकनगुनिया से ग्रसित पाए गए हैं।
पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
“देखिए ये वीडियो और जानिए — लार्वा कैसे बनते हैं, कहाँ छिपते हैं और इन्हें नष्ट करने के आसान तरीके क्या हैं।
थोड़ा सा ध्यान और मिलजुलकर किया गया प्रयास ही आपके गांव को डेंगू-मुक्त बना सकता है।”
🩺 ग्राम गणेशपुरा में टीम द्वारा लार्वा सर्वे, कई घरों में पाए गए डेंगू मच्छर के लार्वा
वायरल जनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम (सीएचओ, एएनएम, आशा सुपरवाइज़र और आशा कार्यकर्ता) ने ग्राम गणेशपुरा में लार्वा सर्वे किया।
सर्वे के दौरान कई घरों में डेंगू मच्छर के लार्वा पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया।
टीम ने ग्रामवासियों को समझाइश दी कि —
- डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपते हैं।
- घरों में रखा पानी हर दो दिन में बदलें और हमेशा ढककर रखें।
- यदि किसी बर्तन या टंकी में लार्वा दिखाई दें, तो तुरंत वह पानी फेंक दें।
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, कॉइल या स्प्रे का उपयोग करें।

साथ ही ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों और आसपास की सफाई रखें, ताकि बीमारी का प्रसार न हो।
स्वच्छता और जागरूकता ही इन वायरल बीमारियों की रोकथाम का सर्वोत्तम उपचार है।
🔬 147 ग्रामीणों की जांच, 15 संदिग्ध मरीजों के सैंपल भेजे गए
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम गणेशपुरा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 147 ग्रामीणों की जांच की थी।
इनमें से 15 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल एम्स भोपाल भेजे गए, जिनमें तीन मरीजों में डेंगू और चिकनगुनिया की पुष्टि हुई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए टीम बनाकर ग्रामों में लार्वा सर्वे और नष्टिकरण अभियान शुरू किया।
💬 बीएमओ डॉ. बी. बी. पाटीदार का बयान
“ग्राम गणेशपुरा में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज पाए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में टीम भेजकर सर्वे कराया जा रहा है।
लोगों को जागरूक किया जा रहा है और जनपद पंचायत को भी सहयोग हेतु पत्र भेजा गया है।
जब लार्वा खत्म होगा, तब बीमारी का चक्र टूटेगा।”
— डॉ. बी. बी. पाटीदार, बीएमओ सुसनेर
🩺 स्वास्थ्य विभाग की ग्रामवासियों से विनम्र अपील
ग्राम गणेशपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे कर रहा है, घर-घर जाकर लार्वा नष्ट किए जा रहे हैं, परंतु यदि ग्रामवासी स्वयं सहयोग नहीं करेंगे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए सभी ग्रामवासियों से निवेदन है कि अपने घरों और आंगनों में रखा पुराना पानी तुरंत खाली करें, टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा सप्ताह में कम से कम दो बार पानी बदलें। याद रखें — यदि हम पानी नहीं डालेंगे, लार्वा को नष्ट नहीं करेंगे, तो बीमारी महामारी बन सकती है। स्वच्छता ही सुरक्षा है, आपका छोटा सा प्रयास पूरे गांव को स्वस्थ रख सकता है।
🌿 सार्थक चेतावनी : बीमारी को नहीं, लापरवाही को हराइए
“एक बाल्टी रुके हुए पानी में पनपता है खतरा,
और एक जागरूक कदम बचा सकता है पूरा परिवार।”
जनमत जागरण आमजन से अपील करता है कि अपने घरों, आंगनों और मोहल्लों में पानी जमा न होने दें, स्वच्छता बनाए रखें,
क्योंकि रोकथाम ही सबसे बड़ा उपचार है।



