'सार्थक' दृष्टिकोणNEWS FOR ACTIONआगर मालवाएक्सक्लूसिव रिपोर्टमध्यप्रदेश

सुसनेर में सरकारी भूमि पर बना डाला ‘संस्कार वेयरहाउस’! अब कलेक्टर प्रीति यादव एक्शन में — तहसीलदार को दिए जाएंगे अतिक्रमण हटाने के निर्देश


सुसनेर में सरकारी भूमि पर बना डाला ‘संस्कार वेयरहाउस’! अब कलेक्टर प्रीति यादव एक्शन में — तहसीलदार को दिए जाएंगे अतिक्रमण हटाने के निर्देश

आगर-मालवा।
सुसनेर क्षेत्र के ग्राम आमला नानकार की शासकीय एवं चरनोई भूमि पर बनाए गए विवादित ‘संस्कार वेयरहाउस’ प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है।
कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने इस मामले की संपूर्ण फाइल, पूर्व आदेशों और राजस्व रिकॉर्ड का गहन अध्ययन करते हुए कहा है कि —
“तहसीलदार सुसनेर को विधिवत रूप से अतिक्रमण हटाने और भूमि को शासकीय नाम से मुक्त कराने के निर्देश दिए जाएंगे।”


🔹 पांच वर्ष से दबा था मामला, अब निर्णायक मोड़ पर

ग्राम आमला नानकार के सर्वे नंबर 128/9 एवं खसरा नंबर 246 कुल 0.42 हेक्टेयर भूमि को शासकीय एवं चरनोई उपयोग के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
इसके बावजूद निजी संचालक द्वारा इस पर निजी वेयरहाउस का निर्माण और संचालन किया गया।

यह मामला वर्ष 2019 में भूमाफिया द्वारा अपर आयुक्त उज्जैन के न्यायालय में निगरानी (क्रमांक 007/19-20) लगाकर लंबित कराया गया था।
पाँच वर्ष तक चली प्रक्रिया के बाद, 14 मई 2025 को न्यायालय ने यह निगरानी खारिज करते हुए कलेक्टर आगर-मालवा को स्पष्ट निर्देश दिए कि –

“शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तथा भूमि को राजस्व अभिलेख में संरक्षित किया जाए।”


🔹 पूर्व कलेक्टरों ने भी जताई थी गंभीर चिंता

तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार सिंह ने इस मामले पर अपर आयुक्त उज्जैन को पत्र लिखकर कहा था कि –
“सरकारी भूमि पर व्यावसायिक गतिविधि न केवल राजस्व संहिता का उल्लंघन है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का उदाहरण भी है।”

बाद में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने समयावधि बैठक में सुसनेर के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे,
परंतु उनके स्थानांतरण के बाद यह प्रकरण फिर ठंडे बस्ते में चला गया।


🔹 अब जनमत जागरण की पहल और पत्रकारों की दस्तक से बदले हालात

जनमत जागरण द्वारा इस मामले पर अब तक तीन एक्सक्लूसिव रिपोर्टें प्रकाशित की जा चुकी हैं —
1️⃣ “सरकारी जमीन पर वेयरहाउस! प्रशासन की चुप्पी पर सवाल” – 12 अप्रैल 2024
2️⃣ “अपर आयुक्त ने दी चेतावनी: सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं बख्शा जाएगा” – 17 मई 2024
3️⃣ “निगरानी खारिज, अब कलेक्टर को अतिक्रमण हटाने का आदेश” – 15 मई 2025

अब चौथी रिपोर्ट के रूप में जनमत जागरण – सार्थक अपडेट ने पुनः इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है,
जिसके बाद पत्रकारों ने कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव को ज्ञापन सौंपकर मामले का संज्ञान दिलाया।

कलेक्टर ने कहा कि —

“राजस्व नियमों के अनुसार जांच कराई जाएगी, और यदि भूमि शासकीय सिद्ध होती है तो तत्काल अतिक्रमण हटवाया जाएगा।”


🔹 वित्तीय अनियमितता पर भी उठे प्रश्न

जानकारी के अनुसार, इस विवादित भूमि पर बने वेयरहाउस के निर्माण के लिए पंजाब नेशनल बैंक, कंठाल शाखा उज्जैन द्वारा
₹1 करोड़ 15 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया था।
भूमि का विवाद और सरकारी दर्जा छिपाकर ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया अब वित्तीय अनियमितता की जांच के दायरे में आ सकती है।


🔹 जनता की उम्मीद – “अब कार्रवाई तय”

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि –
“वर्षों से चल रहे इस प्रकरण में अब कलेक्टर प्रीति यादव के एक्शन से उम्मीद जगी है कि शासन का अधिकार और न्याय दोनों बहाल होंगे।”


Related Articles

error: Content is protected !!