गो नवरात्रि महोत्सव में गूंजे अध्यात्म और सेवा के संदेश – स्वामी गोपालानंद सरस्वती बोले, ‘मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु उसका मैं और लोभ है’

🟤 समाचार – 1
देवताओं की देवता पूज्या गोमाता का मुख्य पर्व है गो नवरात्रि – थानापति रविंद्रानंद सरस्वती
“मैं से बढ़कर संसार में और कोई दुश्मन नहीं है” – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
बडौद (आगर-आलोट), 26 अक्टूबर।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा, उज्जैन, रतलाम और राजस्थान के झालावाड़ जिले की सीमा पर स्थित श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला बरगडी (बडौद) में चल रहे एकादश गो नवरात्रि महामहोत्सव के पंचम दिवस पर सायंकालीन जीवन सूत्र अध्यात्म सत्र के दौरान गीता सत्संग में ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हमारी कामनाएं, इच्छाएं और अपेक्षाएं ही हमारी सबसे बड़ी शत्रु हैं। इसका मूल कारण ‘मैं’ का भाव है।
स्वामीजी ने उदाहरण देते हुए कहा— “मैना” हमेशा ‘मै ना’ बोलती है इसलिए सबको प्रिय है, जबकि “बकरा” ‘मै मैं’ बोलता है और एक दिन कटने तक पहुंच जाता है। यही जीवन का सत्य है — जब तक ‘मैं’ है तब तक ‘वह’ नहीं है, और जब ‘वह’ (ईश्वर) आ जाता है, तब ‘मैं’ अपने आप मिट जाता है।

इस अवसर पर जुना अखाड़ा के महंत एवं श्री कामधेनु गो अभयारण्य सालरिया के संरक्षक थानापति रविंद्रानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि “देवताओं की भी देवता भगवती गोमाता का यह पुण्य पर्व है”। इस बार यह सौभाग्य मालवा की भूमि को प्राप्त हुआ है जहां श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला में डेढ़ हजार से अधिक गोमाताएं निवास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समिति के कार्यकर्ताओं की निष्ठा और समर्पण से यह गोशाला शीघ्र ही मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी गोशाला के रूप में पहचानी जाएगी।
पंचम दिवस के रात्रि सत्र में मेवाड़ की प्रसिद्ध भजन गायिका दिव्या वैष्णव ने भक्ति रस से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
अगले दिवस की प्रभात बेला में पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी के सान्निध्य में प्रभातफेरी एवं सुरभि संकीर्तन का आयोजन हुआ। इसके उपरांत पूज्य महाराज जी ने गो सेवकों के साथ मंदसौर जिले की श्री रास बिहारी गोशाला (ढाकनी ग्राम) में विराजित गौमाताओं का पूजन किया।
श्री रासबिहारी गोशाला के संचालक नारायण सिंह ढाकनी एवं परिवार ने अतिथियों का स्वागत एवं गो पूजन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी गोसेवकों ने गो व्रती महाप्रसादी ग्रहण की।
🟤 समाचार – 2
मनुष्य के पापों का मूल कारण लोभ ही है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
“जो रुपए के पीछे भागे वह लोभी, और जो जन्म-जन्मांतर की चिंता करे वह लाभी”

बडौद (आगर), 26 अक्टूबर।
श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला बरगडी (बडौद) में चल रहे एकादश गो नवरात्रि महोत्सव के षष्ठम दिवस एवं श्री गो कृपा कथा के पंचम दिवस पर ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि “मनुष्य के पापों का मूल कारण लोभ ही है।”
उन्होंने लाभ पंचमी के अवसर पर बताया कि जो व्यक्ति केवल रुपए के पीछे भागता है वह लोभी कहलाता है, जबकि जो अपने जन्म-जन्मांतर की चिंता करता है वह लाभी होता है — और लाभी बनने का एकमात्र साधन है भगवती गोमाता की निस्वार्थ सेवा।
स्वामीजी ने कहा कि जब तक गाय किसी स्थान पर रहती है, वहां देवगण निवास करते हैं, और जब गाय हट जाती है तो असुरगण आ जाते हैं। यही कारण है कि आज भारत की वेदलक्षणा गोमाता दर-दर की ठोकरें खा रही है — क्योंकि हमें इतिहास में दिग्भ्रमित कर यह सिखाया गया कि गाय केवल एक पशु है, मां नहीं।
उन्होंने कठोर शब्दों में कहा कि जो लोग गो तस्करी करते हैं, करवाते हैं या उनका समर्थन करते हैं – चाहे वे व्यापारी, वकील या जज ही क्यों न हों – वे समाज के राक्षस हैं।
इस अवसर पर मठाधीश पूर्णानंद जी महाराज (सोमेश्वर महादेव मठ) ने कहा कि “झारड़ा, बडौद और आलोट क्षेत्र में कोई भी गोवंश निराश्रित न रहे, यह सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने श्री कृष्ण योगेश्वर गोशाला समिति के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कथा के पंचम दिवस के यजमान परिवार झारड़ा तहसील (ठिकाना रावतखेड़ी) के नारायण सिंह, श्याम सिंह, कमल सिंह एवं लखन सिंह रहे।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्याम सिंह परिहार, दैनिक भास्कर संवाददाता घनश्याम वैरागी, राधेश्याम पंचायत सचिव, शान्तिलाल नागर, सूरजमल मोदी (झारड़ा), पंडित बाबूलाल रावत (मेला खेड़ी) सहित अनेक अतिथियों का स्वागत एवं बहुमान किया गया।
कार्यक्रम में श्री कामधेनु गो अभयारण्य सालरिया, श्री गणेश गोशाला समिति चिपिया एवं ठिकाना महुडीया (बडौद) से सैकड़ों मातृशक्ति, युवाओं और गोभक्तों ने भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई।
अंत में सभी श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर गो व्रती महाप्रसादी ग्रहण की।
📅 विशेष सूचना:
गो नवरात्रि महामहोत्सव में 27 से 30 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 से 5 बजे तक पूज्य बृज बिहारी सरकार के महा दिव्य दरबार का आयोजन होगा।



