जन्म-तप कल्याणक पर नगर भ्रमण पर निकले तीर्थंकर भगवान, सुसनेर में भव्य रथयात्रा और महामस्तकाभिषेक का आयोजन

हाथी व रथ में विराजमान भगवान, जगह-जगह हुआ शोभायात्रा का स्वागत, रात्रि में भक्ति संगीत संध्या का आयोजन
✍️ तीर्थंकरों के जन्म एवं तप कल्याणक जैसे आयोजन जैन समाज को संयम, अहिंसा और आत्मचिंतन की दिशा देने के साथ सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। निरंतर होते धार्मिक आयोजनों के कारण सुसनेर अब धीरे-धीरे जैन समाज के एक उभरते तीर्थ स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इसी क्रम में सोमवार को भगवान चन्द्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ जी के जन्म एवं तप कल्याणक पर नगर में भव्य रथयात्रा एवं शोभायात्रा निकाली गई।
हाथी व रथ में विराजमान भगवान, जगह-जगह हुआ शोभायात्रा का स्वागत, रात्रि में भक्ति संगीत संध्या का आयोजन
जनमत जागरण @ सुसनेर। जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान चन्द्रप्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ जी के जन्म एवं तप कल्याणक के अवसर पर गणधर मुनि श्री विवर्धन सागर जी के सानिध्य में सकल दिगम्बर जैन समाज एवं जैन युवा संगठन के तत्वावधान में नगर में वार्षिक रथयात्रा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
सुबह नगर के समस्त जैन मंदिरों में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन एवं जन्मकल्याणक का विशेष पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात प्रातः 10 बजे इतवारिया बाजार से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। बैंड-बाजों के साथ हाथी पर सौधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में विक्रांत जैन एवं यशिका जैन भगवान के बाल स्वरूप को लेकर विराजमान रहे, वहीं रथ में भगवान पार्श्वनाथ जी की प्रतिमा सुशोभित रही।

शोभायात्रा का विशेष आकर्षण उदयपुर की प्रसिद्ध गायिका राजनंदिनी के भजनों पर समाजजनों की भावपूर्ण नृत्य-भक्ति रही। नगर में जगह-जगह सभी समाजों एवं धर्मावलंबियों द्वारा भगवान की आरती, पूजन एवं पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। पूरे नगर में प्रसादी का वितरण हुआ। उक्त जानकारी त्रिमूर्ति मंदिर ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी दीपक जैन पत्रकार ने दी।
✦ खड्गासन त्रिमूर्ति प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक
शोभायात्रा का समापन नेशनल हाईवे स्थित त्रिमूर्ति मंदिर में धर्मसभा के साथ हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री विवर्धन सागर जी ने धर्मोपदेश प्रदान किया। रथ में विराजित भगवान की प्रतिमा का अभिषेक लाभार्थी शिखर कुमार हेमराज जैन (उज्जैन) द्वारा किया गया। वहीं भगवान आदिनाथ, भरत एवं बाहुबली जी की खड्गासन त्रिमूर्ति प्रतिमाओं का प्रथम महामस्तकाभिषेक लाभार्थी प्रेमचंद जैन–फूलचंद जैन जिनवाला, विशाल कुमार चांदमल जैन कोर्टवाल एवं अनिल कुमार–कमलेश कुमार जैन (एसएम परिवार) द्वारा संपन्न हुआ। समापन पर वात्सल्य भोज आयोजित किया गया।
✦ रात्रि में भक्ति संगीत संध्या
रात्रि में तीर्थंकरों के बाल स्वरूप को पालना झुलाया गया। मंदिर परिसर में “एक शाम पार्श्व प्रभु के नाम” भक्ति संगीत संध्या आयोजित हुई, जिसमें बॉलीवुड पार्श्व गायिका खुशबू जैन (मुंबई) एवं अंकित जैन म्यूजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में सुसनेर सहित राजस्थान व मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



