भीलवाड़ा में गो सम्मान आह्वान अभियान की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 दिसंबर को, केन्द्रीय गौ कानून की उठेगी मांग

🚩 देशभर में गौमाता को लेकर बड़ा जनआंदोलन! 📌 पढ़ें – क्या है पूरा रोडमैप? 📌 कब तक चलेगा आंदोलन? 📌 सरकार से क्या-क्या मांगा जाएगा?
जनमत जागरण @ भीलवाड़ा ।
गौमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्रव्यापी स्वर देने के उद्देश्य से चल रहे गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत 30 दिसंबर 2025 को भीलवाड़ा के हरिसेवा धाम में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ-संरक्षण हेतु केन्द्रीय कानून बनाए जाने की मांग को लेकर केंद्र सरकार तक शांतिपूर्ण जन-आवाज़ पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
बैठक में देशभर से जुड़े संत-महात्मा, सनातनी विचारक और गोभक्त शामिल होकर गौ रक्षा, गौ सेवा और गौ सम्मान से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस अवसर पर संतों द्वारा सत्संग भी होगा तथा आमजन से अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने की अपील की गई है।
ज्ञातव्य हो कि भारत की लगभग 5000 तहसीलों एवं 790 जिलों में गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए यह गो सम्मान आह्वान अभियान देश के पूज्य संतों और सनातनियों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत भारत सरकार से प्रार्थना के माध्यम से गौमाता को विधिसम्मत सम्मान दिलाने की मांग की जाएगी। यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता के प्रधान संरक्षण और नंदी बाबा की अध्यक्षता में संचालित होगा।
🔴अभियान का प्रमुख उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गोतस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कारावास, तथा जब्त किए गए वाहनों को गोशालाओं के उपयोग में लाने जैसी ठोस नीतियों को लागू करवाना है। इसके साथ ही गोबर एवं गोमूत्र आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालयों की स्थापना, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण, सरकारी भवनों में गोबर पेंट व गौनाइल का अनिवार्य उपयोग, गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ने, बिजली बिल में छूट देने और निराश्रित गौवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था की मांग भी की जाएगी।
🐂 छह माह तक दिल्ली में गौ संकीर्तन की तैयारी
अभियान की कार्ययोजना के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 तक देशभर में जनजागरण एवं प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके पश्चात 27 अप्रैल 2026 को प्रत्येक तहसील एवं जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। अपेक्षित उत्तर न मिलने की स्थिति में जुलाई और अक्टूबर 2026 में यह प्रक्रिया पुनः दोहराई जाएगी। अंततः 27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से संत और गोभक्त दिल्ली पहुँचकर शांतिपूर्ण गौ संकीर्तन करेंगे, जो 15 अगस्त 2027 तक लगातार छह माह तक चलेगा।
🔴 अहिंसक और शान्तिपूर्ण रहेगा अभियान
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसक, शान्तिपूर्ण और गैर-राजनीतिक रहेगा। इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र होगा तथा संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से ही संदेश समाज और सरकार तक पहुँचाया जाएगा।



