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एक साथ गूंजीं चार किलकारियां: झालावाड़ जनाना अस्पताल में महिला ने दिया 3 बेटियों और 1 बेटे को जन्म

       किस्मत जब मेहरबान होती है तो खुशियां भी चौगुनी होकर आती हैं। झालावाड़ के राजकीय जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म देकर परिवार को ऐसी सौगात दी, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। तीन बेटियों और एक बेटे के जन्म से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जबकि चिकित्सक इसे दुर्लभ प्रसव बता रहे हैं

जनमत जागरण @ झालावाड़। राजकीय जनाना अस्पताल में बुधवार का दिन चिकित्सा इतिहास की उन दुर्लभ घटनाओं में दर्ज हो गया, जब ऑपरेशन थिएटर से एक नहीं, बल्कि लगातार चार नवजातों की किलकारियां सुनाई दीं। 25 वर्षीय ज्योति कश्यप ने सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से एक साथ चार बच्चों—तीन बेटियों और एक बेटे—को जन्म दिया। यह दुर्लभ प्रसव अस्पताल के चिकित्सकों के लिए भी यादगार बन गया, क्योंकि इतनी बड़ी मल्टीपल डिलीवरी के मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं।

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे शहर निवासी ज्योति कश्यप, पत्नी अरुण कश्यप का सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों की टीम की निगरानी में प्रसव सुरक्षित रहा। प्रसूता की स्थिति फिलहाल सामान्य और स्थिर बताई जा रही है। वहीं चारों नवजातों का जन्म के समय वजन अपेक्षाकृत कम होने के कारण उन्हें विशेष देखभाल के लिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

“एक बेटी की उम्मीद थी, भगवान ने चार खुशियां दे दीं”

चारों नवजातों के पिता अरुण कश्यप, जो स्वयं जनाना अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं, अपनी खुशी छिपा नहीं सके। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मैंने तो एक बेटी की उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने तीन बेटियां और एक बेटा दे दिया। ईश्वर ने जो दिया है, उसी में हमारी सबसे बड़ी खुशी है।”

उनकी इस सहज और भावुक प्रतिक्रिया ने अस्पताल में मौजूद लोगों का भी दिल जीत लिया।

सात वर्ष बाद परिवार में आई चार गुना खुशियां

अरुण और ज्योति का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था। दंपति का पहले से पांच वर्षीय पुत्र हर्ष है। यह ज्योति की दूसरी डिलीवरी थी, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इस बार परिवार में एक साथ चार नए सदस्यों का आगमन होगा।

अस्पताल के लिए भी दुर्लभ मामला

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनके कार्यकाल में झालावाड़ जनाना अस्पताल में यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें एक साथ चार शिशुओं का जन्म हुआ है। उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार की डिलीवरी अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है और अनुमानतः हजारों प्रसवों में कहीं एक ऐसा मामला देखने को मिलता है।

डॉ. गुप्ता के अनुसार फिलहाल मां और चारों नवजात चिकित्सकीय निगरानी में हैं तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। बच्चों का वजन बढ़ाने और संक्रमण से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अस्पताल में बधाइयों का लगा तांता

चार बच्चों के जन्म की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का पहुंचना शुरू हो गया। पूरे अस्पताल परिसर में इस अनोखी घटना की चर्चा रही। चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ भी इस सफल प्रसव को अपनी टीम की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

यदि आगामी दिनों में चारों नवजातों का स्वास्थ्य इसी प्रकार बेहतर बना रहा, तो जल्द ही मां अपने चारों नन्हे मेहमानों के साथ एक साथ घर लौटेगी। यह पल न केवल परिवार के लिए, बल्कि झालावाड़ जनाना अस्पताल के लिए भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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