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365 पर्व – 365 प्रेरणाएँआगर मालवाआस्थामध्यप्रदेशस्पेशल रिपोर्ट

सुसनेर में महावीर जन्मकल्याणक पर भव्य शोभायात्रा, मुनि श्रमण सागर जी बोले—अंतरंग कर्मों को जीतने वाला ही सच्चा महावीर

✍️ अहिंसा, आत्मविजय और आत्मजागरण का संदेश लेकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक पर सुसनेर धर्ममय हो उठा। मुनि संघ के सानिध्य में निकली भव्य शोभायात्रा और धर्मसभा में आत्मविजय का गूढ़ संदेश गूंजा—“बाहरी शत्रु को जीतने वाला वीर होता है, लेकिन अपने भीतर के कर्मों को जीतने वाला ही सच्चा महावीर बनता है।” श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति के संग यह आयोजन समाज को आत्मचिंतन और मोक्षमार्ग की ओर प्रेरित करता नजर आया।


जनमत जागरण @ सुसनेर। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर व अहिंसा के प्रणेता भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक सोमवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी के सानिध्य में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्रमण सागर जी ने आत्मविजय का संदेश देते हुए कहा कि बाहरी शत्रुओं को जीतना वीरता है, लेकिन अंतरंग के आठ कर्मों को जीत लेना ही सच्चा महावीर बनना है। उन्होंने जीवन में ईर्ष्या के भाव को सकारात्मक दिशा में ले जाकर आत्मउत्कर्ष की प्रेरणा दी।

वहीं मुनि ओंकार सागर जी ने कर्म सिद्धांत को जीवन का दर्पण बताते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और यही वह अवसर है जिसमें मोक्ष का मार्ग खोजा जा सकता है। उन्होंने सम्यक दर्शन, श्रेष्ठ कर्म और वर्तमान सुधार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कर्म कभी बेईमान नहीं होते—जैसा करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा।

शोभायात्रा नगर के श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन छोटा मंदिर से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होती हुई इतवारिया बाजार और नेशनल हाईवे स्थित त्रिमूर्ति दिगम्बर जैन मंदिर तक पहुंची। मार्ग में समाजजनों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों के सामने भगवान की आरती व पूजन कर श्रद्धापूर्वक स्वागत किया।

नगर परिषद कार्यालय पर नवनियुक्त अध्यक्ष प्रदीप सोनी एवं भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा का स्वागत किया गया। विभिन्न धार्मिक परंपराओं के अंतर्गत जन्माभिषेक, पालना झुलाने एवं गुरु पूजन जैसे आयोजन संपन्न हुए।

समापन अवसर पर समाजजनों के सहयोग से वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्वेत वस्त्र और केसरिया वेशभूषा में शामिल होकर “जियो और जीने दो” का संदेश देते नजर आए।


👉 धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी

जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में महिला मंडल द्वारा वर्धमान स्तोत्र जाप, भजन-कीर्तन एवं प्रभातफेरी जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रात्रि में महाआरती एवं भजन संध्या का आयोजन प्रस्तावित है।


👉 अवकाश को लेकर स्थिति

महावीर जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा 31 मार्च को अवकाश घोषित किए जाने के संबंध में जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है, हालांकि जिले में अब तक अवकाश में संशोधन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

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