“घोष केवल वादन नहीं, राष्ट्रभाव जागरण का प्रभावी माध्यम” — राजमोहन सिंह ▪️महू में संघ का घोष प्रकटोत्सव सम्पन्न, घोष वादन से गुंजायमान हुआ परिसर

संघ के घोष प्रकटोत्सव में गूंजा राष्ट्रभाव, 118 प्रशिक्षणार्थियों ने दी प्रस्तुति
जनमत जागरण @ महू / इंदौर। “घोष केवल संगीत या वादन का विषय नहीं, बल्कि अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव जागरण का प्रभावी माध्यम है। संघ का प्रशिक्षण व्यक्ति निर्माण के साथ समाज जीवन में संस्कार, समरसता और राष्ट्रीय चेतना का वातावरण तैयार करता है।” उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने सोमवार शाम वेटरनरी कॉलेज खेल परिसर में आयोजित घोष प्रकटोत्सव में अपने उद्बोधन के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि घोष की ध्वनि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है तथा सामूहिक चेतना को जागृत करने का कार्य करती है। संघ का प्रत्येक प्रशिक्षण व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में मालवा प्रांत के 118 प्रशिक्षणार्थियों ने घोष वादन प्रशिक्षण के उपरांत सामूहिक प्रस्तुति दी। लगभग 30 मिनट तक चली विभिन्न घोष रचनाओं की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घोष की स्वर लहरियों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना के वातावरण से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी, गणमान्य नागरिक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। प्रशिक्षणार्थियों की प्रस्तुति पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
आयोजन में अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल जसविंदर सिंह संधू पीवीएसएम उपस्थित रहे। वहीं जिला संघ चालक अनिल सोलंकी, वर्ग कार्यवाह गोपाल धनगर सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता मंचासीन रहे।
घोष प्रकटोत्सव के माध्यम से संघ ने समाज के समक्ष संगठन शक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र समर्पण का प्रभावी संदेश प्रस्तुत किया।



