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MP सुसनेर में शर्मनाक घटना: तीन बेटों की मां को घर में ताला लगाकर रखा, मोहल्ले वालों की सूचना पर हुई रिहाई

गुप्त नवरात्रि के बीच मानवता को झकझोर देने वाला मामला; जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर बुजुर्ग महिला को बाहर निकाला, थाने में समझाइश के बाद छोटे बेटे के साथ भेजा गया।

जनमत जागरण @ सुसनेर।                                     जिस मां ने अपने बच्चों के लिए जीवनभर हर सुख-दुख सहा, उसी मां के हिस्से बुढ़ापे में ताले में कैद रहने की पीड़ा आई। अषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में, जब पूरे देश में मां शक्ति की आराधना हो रही है, उसी समय सुसनेर में एक बुजुर्ग मां को कथित रूप से घर में बंद रखने की घटना ने रिश्तों की संवेदनहीनता और समाज के बदलते संस्कारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए ।

शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे नगर के वार्ड क्रमांक 5 में उस समय हलचल मच गई, जब मोहल्ले के लोगों ने एक बुजुर्ग महिला के कई दिनों से घर के अंदर बंद होने की सूचना जनप्रतिनिधियों को दी। सूचना मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। घर पर ताला लगा मिला, जिसके बाद उसे खुलवाकर बुजुर्ग महिला कौशल्या बाई को बाहर निकाला गया और उन्हें थाने ले जाया गया।

मोहल्ले वालों ने दिखाई मानवता

स्थानीय लोगों के अनुसार कौशल्या बाई के तीन बेटे हैं। पड़ोसियों को कई दिनों से संदेह था कि बुजुर्ग महिला को घर के अंदर बंद रखा जा रहा है। उनकी चिंता बढ़ने पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सूचना दी, जिसके बाद यह मामला सामने आया।

थाने में हुई समझाइश, छोटे बेटे के साथ भेजा गया

थाने में तीनों बेटों और उनकी पत्नियों को बुलाया गया। पुलिस तथा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझाइश के बाद बुजुर्ग महिला की सहमति से निर्णय लिया गया कि उन्हें सबसे छोटे बेटे गणेश के साथ भेजा जाए। सभी पक्षों ने इस पर सहमति जताई।

नगर परिषद अध्यक्ष ने जताई चिंता

नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने बताया कि उन्हें कई दिनों से वार्डवासियों के फोन आ रहे थे कि एक बुजुर्ग महिला को घर में बंद रखा गया है। मौके पर पहुंचने पर घर में ताला लगा मिला। उन्होंने कहा कि लोगों का दावा है कि महिला को पिछले कुछ महीनों से इस तरह रखा जा रहा था।

उन्होंने भावुक शब्दों में कहा,

“मां बहुत नसीब से मिलती है। घर में लोग पशुओं का भी ध्यान रखते हैं, यह तो मां है। उसके साथ ऐसा व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।”

समाज के लिए एक गंभीर संदेश

यह घटना केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि किसी भी बुजुर्ग के साथ उपेक्षा, प्रताड़ना या अमानवीय व्यवहार की जानकारी मिले तो परिवार, पड़ोस और समाज को संवेदनशीलता के साथ आगे आकर मदद करनी चाहिए।

नोट: फिलहाल पुलिस द्वारा समझाइश के माध्यम से मामला सुलझाया गया है। किसी पक्ष के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले को आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

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