जनमत जागरण @ झालावाड़
एसआरजी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट में एक 2 साल के बालिका गर्विता के सिर का चिरंजीव योजना के तहत निःशुल्क ऑपरेशन टीम ने सफलता पूर्वक किया है। जबकि निजी अस्पताल में इस प्रकार के ऑपरेशन पर करीब एक लाख रुपए का खर्च होता है। बालिका कंजरनेटल हैड्रोकेफल्स नामक बीमारी से ग्रसित थी।
न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट प्रभारी डॉक्टर रामसेवक योगी ने बताया कि इस बीमारी में बालिका के सिर का वजन उसके स्वयं के वजन से अधिक हो गया था। इसके कारण उसको उल्टियां ओर अन्य कई परेशानी हो रही थी। परिजन उसे झालावाड़ अस्प्ताल में लेकर आए यहां उसको देखने पर उसकी पूरी जांच कराई गई। तो सामने आया कि उसके सिर में अत्यधिक पानी भरने के कारण उसकी तबियत लगातार बिगड़ रही थी। इसके बाद उसके परिजनों की सहमति मिलने पर उसका सफलतापूर्वक जटिल ऑपरेशन किया।इसके बाद बालिका पूरी तरह स्वस्थ्य है। ऑपरेशन टीम में सहयोग देने वाले डॉक्टर राम अवतार मालव, डॉक्टर रवि लोधा,डॉक्टर सुधीर ओर डॉक्टर संजीव समेत अन्य स्टाफ ने सहयोग किया।

- इस बीमारी में यह लक्षण
बोलचाल की भाषा में इस बीमारी को मस्तिष्क में पानी भरना कहा जाता है। इसमें मस्तिष्क के कैविटी में अधिक सेरेब्रो स्पाइनल फ्लूइड का निर्माण होता है। यह पदार्थ मस्तिष्क के भीतर और आसपास जमा हो जाता है। और मस्तिष्क पर अत्यधिक दबाव डालता है। इससे मस्तिष्क संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती है। जैसे बेहोश होने, उल्टी आना, आखों की रोशनी चले जाना,मिर्गी के दौरे आना जैसी बीमारियां होती है।
- ऑपरेशन कर ट्यूब डाली
इस ऑपरेशन को शंट सर्जरी कहा जाता है। इसमें मरीज के मस्तिष्क से एक लचीली ट्यूब डाली जाती है। तथा उसे ट्यूब का दूसरा हिस्सा अंदर ही अंदर पेट में डाला जाता है। इससे मरीज का अधिक भरा हुआ मस्तिष्क का पानी मरीज के पेट में चला जाता है।



