कवि/लेखक
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अंबेडकर को समझने का सही समय: क्या हम सिर्फ जयंती मनाकर कर्तव्य निभा रहे हैं?– डॉ बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’ का विशेष लेख
अंबेडकर को समझने का सही समय डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’सेवानिवृत्त प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय संगठनसदस्य, म.प्र. पाठ्यपुस्तक निर्माण एवं देखरेख समिति…
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⭐ बाबा मौर्य की कला का दिव्य अलौकिक दर्शन: एक शाम राष्ट्र के नाम में बिखरी देशभक्ति की अलख ⭐
🇮🇳 “माटी की महक में बसी है पहचान हमारी, राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगी है जान हमारी!” 🇮🇳 📍 जनमत…
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आलेख एवं अनुभव वृत्तांत :: “राष्ट्रीय चेतना और साहित्यिक संवाद का संगम” 👉 भारती के सपूत: एक समागम, एक संवाद – लेखक : गिरधर दान रतनू दासोड़ी
लेखक परिचय- 🔹 बीकानेर में जन्में चारण साहित्य के सिद्धहस्त हस्ताक्षर की ख्याति एक निबंधकार, समालोचक एवं कहानीकार के रूप…
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“नर्मदा साहित्य मंथन : शब्द घोष से संस्कृति का पुनर्जागरण” – साहित्य, संवाद, मंथन की वैचारिक धारा, हर शब्द में गूंजा युगों का जयकारा।
👉 यह स्मृति-काव्य “नर्मदा साहित्य मंथन” के मंथन और संवाद से उपजे विचारों को अभिव्यक्त करता है। जब शब्द संस्कृति…
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“समय की कसौटी पर लोकसाहित्य: अतीत की विरासत या भविष्य की अनिवार्यता? क्या लोकसंपृक्त साहित्य ही समाज का भविष्य तय करेगा?”- श्री हेमंत मुक्तिबोध का दृष्टिकोण”
◾विचार मंथन के नये संकल्प के साथ नर्मदा साहित्य मंथन के अहिल्या पर्व का समापन -◾"संवाद से समाधान तक: जानिए…
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क्या नर्मदा साहित्य मंथन से निकले विचार राष्ट्र की नई राह बनाएंगे?” पढ़ें – वैचारिक मंथन में द्वितीय दिवस पर आयें विचारक, चिंतक और साहित्यकारों के नई क्रांति का सूत्रपात करने वाले उद्बोधन
◾"लिव-इन, सिंगल पैरेंटिंग और डिवोर्स सेलिब्रेशन: आधुनिकता या साजिश?" "भारतीय परिवारों पर मंडरा रहा मार्क्सवाद का खतरा?"◾"नर्मदा साहित्य मंथन में…
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“राष्ट्र निर्माण में आचार, विचार और अनुभूति: क्या खंडन-मंडन की भारतीय परंपरा आज भी प्रासंगिक है?” – पढ़ें – नर्मदा साहित्य मंथन के चतुर्थ सोपान के उद्घाटन सत्र में बोले संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सुरेश सोनी
🚩"माँ नर्मदा और माँ अहिल्या: क्या ये केवल प्रतीक हैं या संपूर्ण सभ्यताओं की आधारशिला?"🚩 "नर्मदा साहित्य मंथन: क्या 'अहिल्या…
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2025 का हॅंसमुख चिंतन- “नया साल, पुराने सवाल: एकता का सपना या भ्रम का जाल?”
2025 का हॅंसमुख चिंतन: बंटना और कटना बंद हो ! अच्छाइयां हो शुरू !! जनमत जागरण @ आपके लेख:: आज…
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लव जेहाद: प्रेम के नाम पर धर्म परिवर्तन का खेल✍️ डॉ बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’
लव जेहाद: प्रेम के नाम पर धर्म परिवर्तन का खेल✍️ डॉ बालाराम परमार 'हॅंसमुख' जनमत जागरण @ आपके लेख ::…
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कौन करवाता है योजनाबद्ध धर्मांतरण..? – आर.के. सिन्हा (लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तंभकार और पूर्व सांसद हैं)
कौन करवाता है योजनाबद्ध धर्मांतरण..? - आर.के. सिन्हा (लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तंभकार और पूर्व सांसद हैं)जनमत जागरण @ आपके लेख::…
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