आधुनिक नंदगांव है मालवा की भूमि में स्थापित एशिया का यह प्रथम गो अभयारण्य-पू. स्वामी रमणानन्द जी सरस्वती

🚩गोमाता एवं भारतमाता को याद रखिए प्रभु अपने आप आपके ह्रदय में प्रगट हो जाएंगे - स्वामी रमणानन्द जी सरस्वती जी महाराज
जनमत जागरण @ सुसनेर। जब तक शरीर है तब तक संकट तो रहेंगे ही। जिस कृष्ण के प्राकट्य उत्सव को हम मना रहे है उनके जीवन को देखे , पल पल पर संकट रहा है। जन्म जेल में हुआ, जन्म होते ही तुरंत जन्म स्थान को छोड़ना पड़ा। सगा मामा जान का दुश्मन बन बैठा। कितने राक्षसों से संघर्ष करना पड़ा। प्रभु के जीवन में भी इतना कष्ट रहा फिर भी उनके चेहरे से प्रसन्नता नही गई। यदि हमारे जीवन में संकट है तो घबराए नहीं। जन्मभूमि को छोड़ने के पीछे भगवान कृष्ण एक संदेश दे रहे है जहां गोमाता की सेवा नही है वहां एक पल भी नही रुकना है। गोकुल में लाखो की संख्या में गोमाता की सेवा हो रही थी वहां गोसेवा के लिए भगवान गए। भगवान कृष्ण ने खुद गोसेवा करके यह संदेश दिया है की जो गो की सेवा में लगे रहेंगे वही मुझे पा सकते है। बगैर गोमाता की सेवा के कृष्ण का मिलना नामुमकिन है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 141वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।
⏩ अभयारण्य आधुनिक नंदगांव :: श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के तृतीय दिवस 27अगस्त 2024 के नंदोत्सव के अवसर पर श्रोताओं को आशीर्वाद देते हुए पूज्य स्वामी रमणानन्द जी सरस्वती जी महाराज ने बताया कि मालवा की भूमि में स्थापित एशिया का यह अभयारण्य आधुनिक नंदगांव है जहां आज हम भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर नंदोत्सव मना रहें है और इस पुनित पर्व पर आप लोगो का भाव ही आपको यहां लेकर आया है । स्वामीजी ने बताया कि गोमाता एवं भारतमाता को याद रखिए प्रभु अपने आप आपके ह्रदय में प्रगट हो जाएंगे ।

⏩ हजारों गोभक्तो ने गो अभयारण्य में मनाया नंदोत्सव : त्रिदिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के दिव्तीय दिवस जन्माष्टमी की संध्यावेला में श्री हित आदर्श कृष्ण कला रासलीला मंडल स्वामी देवेंद्र वशिष्ठ जी के द्वारा श्री धाम वृंदावन द्वारा मां मीरा जी की जीवन लीला एवं स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती जी महाराज जी के श्रीमुख से भगवान कृष्ण की जीवन लीला की कथा सुनाई और तृतीय दिवस में हजारों गोभक्तो ने गो अभयारण्य में नंदोत्सव मनाया ।

⏩ अतिथि :: भाद्रपद कृष्ण पक्ष नवमी के शुभ अवसर पर पर गो पूजन शिवसहस्त्राहुति यज्ञ, पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अभयारण्य में विराजित मीरा माधव के धर्म पिता किशोर सिंह राजपुरोहित, नेतरा (पाली), श्रवण कुमार राजपुरोहित मेनेजिक ट्रस्टी अरबुदा गो नन्दी तीर्थ सिरोही एवं महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चौपड़ा निवासी ध्यानेश्वर पाटिल जी के परिवार ने सम्पन्न करवाया ।

⏩141वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से – एक वर्षीय गोकृपा कथा के 141वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के टोंक जिले में स्थित श्री गोमाता तीर्थ दूनी के युवा गोसेवक मण्डली के सुरेश, अवधेश, लखन एवं अंकित सहित युवा टीम, झालावाड़ जिले की खानपुर तहसील के हाली हेड़ा ग्राम से दुर्गालाल जी नागर के सुपुत्र रमेश चन्द नागर के परिवार एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के गोघटपुर ग्राम के सरपंच योगेश गुप्ता,मोहन गुप्ता,,दिनेश गुप्ता,, विष्णु गुप्ता,, रमेश चन्द मेरोठा,, गंगाराम चौहान,, अरुण गुप्ता,,प्रभुलाल प्रजापत,, रतन लाल मालवीय,,जगदीश गुप्ता,,मोहन मेरोठा, पुर सिंह चौहान,,बद्री लाल गुर्जर एवं विनय मेरोठा के नेतृत्व में सेंकड़ों मातृशक्ति, युवा एवं ग्राम के पंच पटेलो ने अपने परिवार देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



