
🚩राजसी ठाट के साथ फूलो सजी पालकी में महोदव ने किया नगर भ्रमण पलक पावड़े बिछाकर किया सवारी का स्वागत, घर द्वार पर हुआ महादेव का पूजन

जनमत जागरण @ सुसनेर से दीपक जैन की लाइव रिपोर्ट :: । प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सावन समाप्ति पर भादौ के पहले सोमवार पर शिवभक्त मंडल के तत्वाधान में नगराधिपति नीलकंठेश्वर व ओंकारेश्वर महादेव की शाही सवारी राजसी ठाटबाट के साथ नगर में निकाली गई। जिसमे हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ता दिखाई दिया। रुक-रुक कर हुई रिमझिम बारिश की बौछारो के बीच हवा में गुंजती हर-हर महादेव, शिव शंभु, ओम नम: शिवाय की स्वर लहरीया, कहार के रूप में पालकी उठाए जनप्रतिनिधी व गणमान्य नागरिक, तोप और श्रृद्धालुओ की और से आसमान में होती फूलो की बरसात, सड़क पर नाचती युवाओं की टोली, दुल्हन सा सजा नगर और श्रृद्धा व आस्था से डीजे की धून पर नाचती झुमती भक्तो की भीड और उसमें फूलो से सजी पालकी में राजसी ठाट से सवार नगराधिपति बाबा नीलकंठेश्वर और ओंकारेश्वर महादेव पुरे लाव लश्कर के साथ अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले तो नगरवासीयो ने भी पलक पावडे बिछाकर उनका स्वागत किया। शाही सवारी में पालकी में विराजमान महादेव की एक झलक पाने के लिए भक्त आतुर होते हुए दिखाई दिए। भक्तो ने अपने-अपने द्वार पर बाबा की पालकी के दर्शन कर पूजा आरती की।

🚩 शिवभक्त मंडल के तत्वाधान में अलसुबह कंठाल नदी के तट पर देवी अहिल्याबाई द्वारा स्थापति नीलकंठेश्वर महोदव और ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में महारूद्राभिषेक कर श्रृंगार आरती की गई। उसके पश्चात पुजा के बाद मुखौटे को शिव भक्त मंडल के सदस्यो द्वारा चौसठ माता मन्दिर लाया गया। जहां माँ चौसठ योगिनी की पूजन व आरती के बाद कल्याण जिन से शाही सवारी की शुरूआत की गई। यहा से बाबा आकर्षक झांकीयो के साथ फुलो से सजी पालकी में अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए निकले। सुबह 11 बजे शुरू हुई शाही सवारी ढाई किलोमीटर घूमकर रात 8 बजे के करीब नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंची जहाँ महाआरती की गई। जिसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। जिसमें नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो से आए करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा भोजन प्रसादी ग्रहण की गई। सवारी का राजनेताओं, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनो के द्वारा मंच बनाकर स्वल्पाहर ओर पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। शाही सवारी के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह मुस्तेद रहा।
🚩 ये रहे शाही सवारी के आकर्षण का केन्द्र :: शाही सवारी मे सबसे आगे आर्यवीर दल के अखाडे में कलाकार हैरतंगैज करतब दिखाकर लोगो का मनोरजंन करते हुऐ चल रहे थे। उसके पीछे राधाकृष्णा का आकर्षक नृत्य, वानर सेना, घोड़े पर सवार युवतियां, शिव-पार्वती की झांकी, दशानन के अलावा हनुमानजी व आदिवासी नृत्य कलाकार अपनी कलाओ का प्रदर्शन करते हुएं शामिल रहे। डीजे की धुन पर नाचती गाती युवाओ की टोली उसके बाद ताशा पार्टी, बैंड, ढोल बाजे, केसरिया पगड़ी बांधे युवाओ का घोष व राजसी ठाट से पालकी में विराजमान बाबा का तोप के द्वारा फूलो से स्वागत करते हुए शामिल हुए। शुक्रवारिया में चंपा के मन्दिर में हुआ हरिहर मिलन शाही सवारी के दौरान शाम को 7 बजे शुक्रवारिया बाजार स्थित श्री व्यंकटेश लक्ष्मी नारायण चम्पा के मंदिर में हरिहर मिलन किया गया। इस अवसर पर मन्दिर में विराजमान हरि स्वरूप भगवान लक्ष्मी नारायण व शाही सवारी में शामिल हर स्वरूप महादेव की सामुहिक महाआरती कर प्रसादी का वितरण किया गया।


