दिव्य गोकथा गो- मिडिया भ्रामक खबर छापेंगे तो आपकी प्रमाणिक पर लगेगा..? अभयारण्य से जीमण की अपेक्षा रखने वाले गोमाता के जीमण की चिन्ता करें- स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती

⏩ समरसता ,समाजसेवा और गोसेवा तीनों के अद्भुत संगम थे बाबा रामदेव – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। आज के दिन भारत की पुण्यभूमि में दो महापुरुषों ने जन्म लिया है,जिसमें एक है भारत के राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्ण जो एक प्राध्यापक से देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति के पायदान तक पहुंचे । यूं तो राष्ट्रपति कई हुए है,लेकिन उनके अनेक विशेषता रहीं है 20 वर्ष की अल्पायु में वे प्राध्यापक बन गए और वे अंग्रेजी माध्यम के प्राध्यापक होते हुए भी उनके जीवन में अग्रेजियत का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और साथ जी उनके जीवन में किसी भी प्रकार का व्यसन नहीं था और उन्होंने धर्म एवं अध्यात्म को अपने जीवन में उतारकर स्वामी विवेकानंद जी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा साथ ही भारतीय शिक्षा नीति में भी उनके माध्यम से अनेकों सुधार हुए है और आज पूरा देश उनके जीवन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाता है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 150 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।
🚩 ऐसे ही एक दिव्य महापुरुष जिन्होने जाति पाती के भेद को मिटाकर समय समरसता की उस समय मिशाल कायम की साथ ही उस समय आई महामारी में एक चिकित्सक की भूमिका निभाते हुए हर व्यक्ति को आरोग्य प्रदान करने वाले राजस्थान के सुदूर क्षेत्र में विराजने वाले रुणिचा वाले बाबा रामदेव जी महाराज का आज ही के दिन भादवा सुदी दूज को प्रगट हुए है और उनके पवित्र कार्य समरसता,समाजसेवा और गोसेवा तीनो का अद्भुत संगम था और उसी संगम के साथ उन्होंने भारतीय जनमानस में ऐसी जगह बनाई कि आज लाखों करोड़ो लोग श्रावण भादवा मास में एक ही दिशा में जाते दिखाई देते है और वह धाम है रुणिचा जिसे रामदेवरा के नाम से भी जाना जाता है ।

🚩 पूज्य स्वामीजी ने भारत के एक प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल द्वारा गो अभयारण्य के खिलाफ छापी भ्रामक खबर का खंडन करते हुए बताया कि मीडिया का कर्तव्य होता है कि कोई बात सामने आएं तो उस बात के लिए दोनों पक्षों से मिलकर उसकी सत्यता का अवलोकन कर ही उस खबर को प्रसारित करना चाहिए। विगत डेढ़ वर्षो से पूर्व यहां कि क्या स्थिति और उसके बाद क्या स्थिति यहां आकर कुछ मीडिया के बंधुओ ने देखा तो उन्होंने ही अपने समाचार पत्रों में छापा था कि अब गो अभयारण्य स्वर्ग जैसा बन गया है और साथ ही यहां आएं सरकार के प्रशासनिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वाले एवं राज्य के पूर्व एवं वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी यहां विराजित गोमाता के स्वास्थ्य की जानकारी मिली तो उन्होंने ने भी श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा की जा रही गो सेवा की प्रशंसा की लेकिन कुछ लोग जिनको पहले यहां से जीमण मिलता था और कुछ चारा व्यापारी जिनके चारा सप्लाई से भारी भरकम कमाई यहां से होती थी उनकी कमाई बन्द होने से अब वे तिलमिला रहें है और मीडिया एवं जनमानस को भ्रमित कर वे अभयारण्य के खिलाफ गलत खबरे छपवा रहें है ।
⏩ जांच पडताल किये बिना भ्रामक खबर छापेंगे तो आपकी प्रमाणिक पर प्रश्नचिन्ह लगेगा :: पूज्य स्वामीजी ने मीडिया के बंधुओ से विशेषकर इलेक्ट्रिक मीडिया से आग्रह किया कि जब भी आपके पास कोई भी खबर आएं तो पहले उसकी दोनो पक्षों से जांच पडताल किये बिना भ्रामक खबर छापेंगे तो आपकी प्रमाणिक पर प्रश्नचिन्ह लगेगा और लोग धीरे धीरे इलेक्ट्रिक मीडिया से हटकर प्रिट मीडिया की की और बढ़ेंगे साथ ही कहां कि जिन लोगो को पहले यहां से जीमण मिलती थी अब वे अपनी जीमण के बजाय गोमाता के जीमण की चिन्ता करेंगे तो आपके इहलोक के साथ परलोक भी सुधरेगा।

⏩ 150 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के अजमेर एवं भीलवाड़ा जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 145 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के भीलवाड़ा नगर निवासी एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के वरिष्ठ न्यासी सुनील जागेटिया एवं उनके साथी राजेन्द्र कोगटा एवं शंकर शर्मा व अजमेर जिले के किशनगढ़ तहसील में स्थित गंगा गिर गोशाला टोकड़ा से रणजीत गुर्जर, रामदेव गुर्जर,शंकर लाल गुर्जर एवं जयपुर जिले के सीतारामपुरा निवासी रामदयाल गुर्जर ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



