कौन है धर्म का आधर..! कौन नहीं है हिंदू कहलाने लायक – पढ़ें गोकथा में स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने क्या कहा

🚩 जिसके सिर पर शिखा नही है वह हिंदू कहलाने का अधिकारी नही है- स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। शिव महापुराण में लिखा है त्रेता युग में 8 बैलो से खेत जोतते थे। आठ बैल से हल चलाना धर्म है। उसके बाद 6 बैलों से भी हल चलाने का विधान है। लेकिन आज की स्थिति 1 बैल से भी कोई कोई हल चलाता नजर आता है। खेती में बैलों की उपयोगिता खत्म होती जा रही है। जो अत्यंत चिंता का विषय है। बैल धर्म का आधार है। इसके द्वारा खेती होने से अनाज की शुद्धता बढ़ती है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 153 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।

🚩 ऋग्वेद में लिखा है गोमाता का दूध सर्वश्रेष्ठ होता है। गोशाला में नंदी बाबा को 12 माह दूध पिलाना अतिआवश्यक है। जो नंदी बाबा का आदर करता है दुनिया उसका आदर करती है। जो नंदी की पूजा करता है दुनिया उसको पूजती है।
🚩 स्वामीजी ने बताया कि जिसके सिर पर शिखा नही है वह हिंदू कहलाने का अधिकारी नही है। सनातन धर्म का रसातल में जाने का कारण हिंदू शिखा विहीन होता जा रहा है। ब्राह्मण को गोमाता के खुर के बराबर चोटी रखने का विधान है। शेखावाटी से पधारे पूज्य गो चन्द्रमादास जी महाराज, गो प्रकाश दास जी महाराज एवं गो सुदर्शनदास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहां कि हरि भक्ति के साथ गोसेवा करें क्योंकि गोमाता की सेवा ईश्वर की सेवा है और गोसेवा के साथ नंदीबावा की सेवा बहुत जरूरी है और भारत के हर घर में नन्दी सेवा होने लग जाएं तो भारत में धर्म की स्थापना होगी और धर्म की स्थापना होगी तो भारत को विश्व गुरु बनाने से कोई नही रोक सकता ।

⏩ 153 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश एवं राजस्थान से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 153 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर जिले की सुसनेर नगर में स्थित सन्त श्री आशाराम जी आश्रम एवं गोशाला समिति के संरक्षक बद्रीलाल सोनी पूर्व विधायक, अध्यक्ष गोरधन राठौर ,माचलपुर, पूर्व अध्यक्ष भेरू लाल सोनी, सचिव मोहनलाल चौधरी (पालीवाल) सोयतकला, नारायण सिंह, कालू सिंह, एवं ईश्वर सिंह पूर्व सरपंच पटपड़ा, सुरेन्द्र सिंह व रायगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के देवी गढ़ (नया गांव) से पाटीदार विष्णु, गोपाल, प्रेम चन्द, कालूराम,बद्रीलाल,जगदीश, गोवर्धन कैलाश एवं नन्द किशोर व राजस्थान के शेखावाटी क्षैत्र से पूज्य गौ चंद्रमा दास जी महाराज, गो प्रकाश दास जी महाराज एवं सुदर्शन जी महाराज ,कुचामन के सानिध्य में मनमोहन मिश्रा,शिव इंडस्ट्रीज , सीकर, गोपाल सैनी एवं सुरेश सैनी ,मुकेश खडोलिया,नैमिचंद फगेडीया,राजेन्द्र शेषमा
तेज़ल ग्रुप ऑफ कंपनी के राम नारायण सैनी,रघुनाथ रणवा,बजरंग सैनी, सीकर,महेन्द्र सिंह ,पालवास,कल्याण शर्मा,पालवास,विकास , तासर,पवन तासर, सरोज सोनी, ममता देवी, बेगराज हलवाई,नानुराम सैनी एवं नंदु मिस्त्री, पालवासआदि ने अपने ग्राम,नगर के सैंकड़ों गो प्रेमी सज्जनों , मातृशक्ति व युवाओं ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



